मध्यप्रदेश के भिंड जिले में आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के तीन आरोपियों को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सजा सुनाई है। परीक्षार्थी और सॉल्वर रहे दो लोगों को चार चार साल की सजा दी गई है। एक आरोपी कोर्ट में पेश हुआ था, जिसे जेल भेज दिया गया है। जबकि दो अभी फरार हैं। कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
जानकारी के अनुसार करीब दस साल पहले 2012 में भिंड जिले में आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें राजकुमार त्यागी ने अपना परीक्षा फॉर्म भरा था, लेकिन उसने फिजिकल में प्रदीप त्यागी को भेजा, वहीं सॉल्वर के रूप में सोनू राठौर शामिल हुआ था। अलग-अलग हस्ताक्षर और फोटो मिलान के कारण यह मामला वहां मौजूद पर्यवेक्षकों ने पकड़ लिया। बाद में मामले में भिंड जिला न्यायालय में चालान पेश किया गया। लेकिन 2014 में मामले की सीबीआई जांच के आदेश हुए तब इस मामले को सीबीआई ने अपने अधीन कर लिया और नए सिरे से विशेष न्यायालय में चालान पेश किया।
बाद में सॉल्वर सोनू राठौर और राजकुमार त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन दोनों को ही जमानत मिल गई। सुनवाई के वक्त सिर्फ सॉल्वर सोनू राठोर पेश हुआ था, जबकि राजकुमार त्यागी गायब था। उधर इस मामले में फिजिकल टेस्ट में शामिल रहा प्रदीप त्यागी शुरुआत से अब तक फरार है। उसे भी गिरफ्तार करने के निर्देश सीबीआई की विशेष कोर्ट ने पुलिस को दिए हैं। विशेष न्यायालय नए राजकुमार और सोनू पर अलग-अलग धाराओं में अट्ठाइस हजार दो सौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।