खोदे गए रास्ते पर नारेबाजी करते ग्रामीण।
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दबंगों ने ग्राम दौलतपुर, दोनी, मेना, कराईया, इटमा, वीरगवा, पचौरा आदि दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को जेसीबी से खोदकर गड्ढे करके रास्ता अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत टप्पा तहसील से लेकर जिला कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को की, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। इसी से व्यथित होकर दौलतपुर और दोनी मैना के सैकड़ों ग्रामीणों ने अब लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अपनी समस्या को लेकर वह ग्वालियर लोकसभा से भाजपा के प्रत्याशी भरत सिंह कुशवाहा के पास भी गए थे, लेकिन उन्होंने भी अभी चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि अभी चुनाव हैं, हमारा नुकसान हो जाएगा। ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं की। अब ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का मन बनाया है।
बता दें की मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले इस रास्ते के अवरुद्ध होने से दर्जनों गांव के ग्रामीणों को लगभग 9 किलोमीटर का चक्कर काटकर अपनी खेती, बाजार और स्कूल पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। 9 किलोमीटर के फेर वाला यह रास्ता भी जर्जर हालत में है। इससे पहुंचने में भी ग्रामीणों को लंबा समय लगता है। वहां पर कोई व्यक्ति यदि बीमार हो जाता है तब समस्या और बड़ी हो जाती है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस रास्ते को वह अपने जन सहयोग से भी बनाने को तैयार थे जिसके लिए उन्होंने आपस में चंदा भी कर लिया था और काम भी प्रारंभ कर दिया था तभी दबंग मलकीत सिंह और उसके सहयोगियों ने आकर लोगों को डराया धमकाया और गोली मारने की धमकी देते हुए काम को बंद करवा दिया। जिसकी शिकायत सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर पंचनामा बनाकर तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक को की लेकिन उनके रास्ते को किसी ने खुलवाना उचित नहीं समझा।
कुछ लोगों का तो यह भी कहना था कि वह भी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं और इस रास्ते को खुलवाने की शिकायत लेकर वह भाजपा के स्थानीय विधायक और लोकसभा प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाह के पास भी गए लेकिन भाजपा में होते हुए भी उनके साथ जो पुराने भाजपाई हैं वह सौतेला व्यवहार करते हैं।भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाहा ने भी चुनाव में अपना नुकसान होने का हवाला देते हुए इस रोड को खुलवाना अभी उचित नहीं समझा इसी से व्यक्तित्व होकर अब ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है।