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Gwalior Crime: ग्वालियर में तहसीलदार पर महिला कर्मचारी ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, जांच शुरू

Sat, 06 Apr 2024 10:21 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर में तहसीलदार पर एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले में जांच शुरू हो गई है।
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आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्वालियर तहसील में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें तहसील में कार्यरत एक महिला कर्मचारियों ने तहसीलदार पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक अन्य समाज से भी महिला ने भी तहसीलदार को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से ऐसी ही शिकायत की है। महिला कर्मचारी इतनी भयभीत है कि उसने आला अफसरों से गुहार लगाई कि उसे यहां से हटाकर अन्य किसी जगह पदस्थ कर दिया जाए। इस शिकायत के बाद कलेक्ट्रेट में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच परिवाद समिति को सौंप दी गई है।

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मामला जिले की सबसे पॉश सिटी सेंटर तहसील से जुड़ा है, जिसमें कलेक्ट्रेट से लेकर सभी आला अफ़सरों के बंगले तक आते हैं। कुछ ही वर्ष पहले इसको अलग तहसील बनाया गया है। वर्तमान में यहां शत्रुघ्न सिंह सिकरवार तहसीलदार के रूप में पदस्थ हैं। दरअसल, यह मामला सामने तब आया जब एक सामाजिक महिला कार्यकर्ता ने एडीएम के यहां शिकायत की कि तहसीलदार द्वारा अपने कार्यस्थल पर चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। परेशान होकर उस महिला कर्मचारी ने एडीएम अंजू अरुण को आवेदन देकर निवेदन किया है कि उसे कहीं भी पदस्थ कर दें। लेकिन सिटी सेंटर तहसील से हटा दें। शिकायत करने वाली समाज सेवी महिला ने यह भी लिखा है कि तहसीलदार का मानसिक संतुलन खराब है। वह महिलाओं से ऐसी बातें करते हैं, जो ठीक नहीं है।

इसको लेकर वहां पदस्थ अन्य महिला कर्मचारियों से भी तस्दीक की जा सकती है। शिकायत में एक गोपनीय घर का भी जिक्र किया गया है। इसमें लिखा गया है कि तहसीलदार ने किला गेट पर गोपनीय तौर पर एक घर ले रखा है, जिसका वे गलत काम के लिए उपयोग करते हैं। इस बात की जानकारी उनके ड्राइवर को भी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वे पहले भी निलंबित हो चुके हैं। एडीएम अंजू अरुण ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच परिवाद समिति को सौंप दी गई है। इस मामले में 90 दिन के भीतर जांच करने को कहा गया है।रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।

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