आज कल के दौर में जहां एक तरफ लोग आधुनिकता को अपनाते जा रहे हैं और तकनीकी व लाव लश्कर को दिखाने की ओर अग्रसर हैं। वहीं, ग्वालियर की सड़कों पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर शहर की जनता के पांव थम गए। महंगी-महंगी गाड़ियों में जाने वाले लोग भी इस नजारे को देखकर अपनी गाड़ियां रोककर दंग रह गए। दरअसल, यह नजारा था एक बारात का। बारात आधुनिकता से बहुत दूर बेहद संजीदगी की और सादगी के साथ बैलगाड़ी से निकली।
दरअसल, ग्वालियर की थाटीपुर क्षेत्र से शुरू हुई यह बारात शहर के किला गेट चौराहे के लिए रवाना हुई। इस बारात की सबसे खास बात यह थी कि यह बारात पूरी तरह से महंगी-महंगी गाड़ियों के बजाय बैलगाड़ी से रवाना हुई। आपको बता दें कि यह अनोखी बारात बैलगाड़ियों के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंची।
इस दौरान तकरीबन 200 लोगों को ले जाने के लिए 10 बैलगाड़ियों का प्रयोग किया गया। यह सभी बैलगाड़ियां शादी वाले घर के रिश्तेदारों और गांव खेड़े से मंगाई गई थी, जिन्हें काफी साज-सज्जा के साथ सजाया गया और उनमें लोगों को बैठाया गया। इस दौरान इस गाड़ी में लोगों के अलावा बच्चे भी बैठे हुए थे। जो की पहली बार बैलगाड़ी में बैठ रहे थे और बेहद खुश थे।
अपने छोटे भाई की बारात को ले जा रहे अमन लोधे ने बताया कि यह बैलगाड़ी से बारात ले जाने की इच्छा उनके स्वर्गीय दादा जी की थी, जिन्होंने अपने जीवन में कई बार कहा था कि उनके परिवार की एक बच्चे की बारात इस तरह उनकी बहू को लेने जाए, जिस तरह से वे अपनी धर्म पत्नी को बैलगाड़ियों से लेने गए थे। ताकि फिर से एक बार पुरानी परंपराओं को लोग समझे और जाने।
उनकी इच्छा पूरी करने के लिए हमने आसपास से और रिश्तेदारों से कहकर तकरीबन 10 बैलगाड़ियों की व्यवस्था की हमारी बारात से किसी को परेशानी न हो। इसके लिए हम लोग स्वयं पैदल चलकर बारात को अपने साथ ले जा रहे हैं। ताकि ट्रैफिक में भी कोई दिक्कत न हो। इस दौरान कई लोगों ने उतरकर हमसे पूछा और कई लोगों ने वीडियो भी बनाए।