पीड़ित शिक्षिका आशा भटनागर
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पीड़िता ने बताया कि इसके बाद ठगों ने बुजुर्ग महिला को प्ले स्टोर से स्काइप एप डाउनलोड कर आईडी बनाने की बात कही। जब बुजुर्ग महिला मना किया तो उन्होंने कहा कि बड़े अफसर आपकी जमानत के लिए वीडियो कॉलिंग पर सुनवाई कर आपको जमानत दिलाएंगे। इस तरह शिक्षिका आशा भटनागर एक के बाद एक साइबर ठगों के माया जाल में फंसती गईं। उसके बाद उन्होंने पड़ोस में रहने वाले बच्चे से स्काइप आईडी बनवाई फिर साइबर ठगों ने वीडियो कॉल कनेक्ट कर दिया। साथ ही बुजुर्ग महिला से कहा कि वीडियो कॉलिंग के दौरान घर पर सिर्फ आप अकेली रहेंगी। उसके बाद वीडियो कॉल पर साइबर ठगों ने पूरे घर को चेक किया।
महिला शिक्षिका ने बताया कि इसके बाद साइबर ठगों ने कॉल के दौरान बताया कि आपके केस में करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और गिरफ्तारी का ऑर्डर स्काइप पर भेज दिया। इसके बाद बुजुर्ग महिला ने उन्हें एफडी के बारे में बताया और वे साइबर ठगों की धमकी से बुरी तरह से डर गईं। उसके बाद वह बैंक चली गईं, जबकि मोबाइल पर वीडियो कॉल चालू था। बैंक पहुंचने पर साइबर ठगों ने एफडी को तुड़वाने के लिए कहा। इसके बाद महिला शिक्षिका ने 46 लाख रुपये की एफडी निकालकर ठगों के अकाउंट में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। दूसरे दिन फिर साइबर ठगों ने स्काइप कॉल किया और कहा आपके दूसरे खाते की जांच होनी है। इसके बाद महिला शिक्षिका ने पांच लाख रुपये और आरटीजीएस कर दिए।
इस घटना के बाद महिला शिक्षिका काफी डर गईं और अपने बेटी और बेटे को भी फोन नहीं किया। दूसरे दिन जब सब नॉर्मल हुआ तो उन्होंने अपनी बेटी को वाट्सएप कॉल किया और मामले की जानकारी दी। उसके बाद रविवार को बुजुर्ग महिला ने मुरार थाने में जाकर इस घटना की सूचना दी।
वहीं, इस मामले को लेकर ग्वालियर एएसपी सियाज के एम ने बताया कि यह साइबर ठगों द्वारा किया गया ठगी का सबसे बड़ा मामला है। एक बुजुर्ग महिला शिक्षिका को 24 एफआईआर और अरेस्ट वारंट की धमकी देकर ठगों ने अपने खाते में 51 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के बाद इस पर मामले एफआईआर दर्ज कर ली है, जांच शुरू कर दी गई है।