फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gwalior: सोशल मीडिया पर ऑनलाइन भैंस खरीदने के नाम पर 87 हजार रुपये की ठगी, ठग ने कहा- भैंस का हो गया एक्सीडेंट

Tue, 28 Mar 2023 08:41 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक गजब का मामला सामने आया है। यहां पर सोशल मीडिया के जरिए भैंस खरीदने के नाम पर ठगी हुई है। ठग ने करीब 87 हजार रुपये ठगे और बाद में कहा कि भैंस का एक्सीडेंट हो गया है।
विज्ञापन
जनसुनवाई में पहुंचा ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर अभी तक आपने कार मोटर साइकिल अथवा होम अप्लायंसेज को खरीदने बेचने के मामले सुने होंगे। लेकिन ग्वालियर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक ग्रामीण को फेसबुक पर भैंस दिखाकर उसे सस्ते में बेचने के नाम पर ठगी की गई है। यह ठगी लगभग 87 हजार रुपये की है।

विज्ञापन


एसपी के पास पहुंचे ग्रामीण होतम सिंह बघेल ने बताया कि सोशल मीडिया पर जयपुर के किसी अशोक डेयरी फार्म द्वारा ऑनलाइन भैंस बेचने का विज्ञापन जारी किया था। ग्रामीण होतम सिंह बघेल को घर के लिए भैंस की जरूरत थी। फेसबुक के विज्ञापन के झांसे में यह ग्रामीण आ गया, उसने कथित ठग अशोक कुमार शर्मा से संपर्क स्थापित कर भैंस खरीदने की इच्छा जताई। इसके बाद उससे पहले ठग अशोक कुमार शर्मा ने 4,200 एडवांस के रूप में ऑनलाइन जमा कराए। इसके बाद कहा, उनकी गाड़ी जिसमें भैंस है वह ट्रैक नहीं हो रही है, जीपीएस सिस्टम खराब हो गया है। 12 हजार रुपये इस बहाने से ठग ने ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।

इसके बाद अशोक शर्मा ने कहा कि एक घंटे बाद वह धौलपुर से ग्वालियर में होंगे और उनके लिए खाना बनवा कर रखें। ग्रामीण होतम सिंह ने घर पर भैंस लेकर आ रहे लोगों के लिए खाना भी तैयार करवा लिया। इस बीच कथित ठग उससे लगातार पैसे किसी न किसी बहाने से मंगवाता रहा। ऑनलाइन होतम सिंह ने धीरे-धीरे करके ठग को 86,700 रुपये भेज दिए। लेकिन सुबह तक होतम सिंह इंतजार ही करता रहा, उसकी भैंस नहीं आई। बाद में बताया गया कि भैंस का एक्सीडेंट हो गया है।
विज्ञापन


इस तरह से ग्रामीण होतम सिंह बघेल के साथ ठगों ने धोखाधड़ी की है। कई दिनों से परेशान होतम सिंह पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचा और उसने ठग अशोक कुमार शर्मा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की। उसने ठग का मोबाइल नंबर आधार नंबर और पैन नंबर तक पुलिस को दिया है। क्योंकि इसी आधार पर ग्रामीण ने विश्वास करके अशोक शर्मा को पैसे भेजे हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि ग्रामीण के साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। ठग के दस्तावेजों के आधार पर उसकी खोजबीन की जाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें