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Gwalior: कांग्रेस विधायक और उनकी पत्नी को कोर्ट ने सुनाई दो-दो साल की सजा, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

Fri, 02 Dec 2022 09:31 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

एक कांग्रेस विधायक और उनकी पत्नी को प्लॉट की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। मामले में तीन लोगों को सजा दी गई है। 
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस विधायक और उनकी पत्नी को प्लॉट की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। मामले में तीन लोगों को सजा दी गई है। साथ ही सभी को दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। हालांकि कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए सभी को सशर्त जमानत दी है। 
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जानकारी के अनुसार मामला 10 साल पुराना है। एक प्लॉट दो लोगों को बेचने के आरोप में सुमावली विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह, उनकी पत्नी शीला कुशवाह व कृष्ण गोपाल चौरसिया के खिलाफ ग्वालियर के महाराजपुरा थाने में केस दर्ज किया गया था। फरियादी पीएल शाक्य ने शिकायती आवेदन दिया था। इसमें बताया था कि अजब सिंह कुशवाह, उनकी पत्नी शीला कुशवाह, उनके साथी कृष्ण गोपाल चौरसिया ने महाराजपुरा क्षेत्र में सर्वे क्रमांक 516, 517 का 1600 वर्गफीट का प्लाट सात लाख 47 हजार पांच सौ रुपये नगद लेकर विक्रय किया था।

जब पीएल शाक्य वहां निर्माण कार्य कराने पहुंचे, तो पता चला कि यह जमीन सरकारी है। इस प्लॉट को पहले भी एक बार बेचा जा चुका है। इस पर पीएल शाक्य ने अजब सिंह कुशवाह से पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने रुपए देने से इनकार कर दिया। आरोप था कि दलित समाज से होने के नाते उसे आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दी थीं। साथ ही, जान से मारने की धमकी भी दी थी। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। विशेष लोक अभियोजक अभिषेक मेहरोत्रा ने कोर्ट में तर्क दिया कि अजब सिंह कुशवाह वर्तमान में विधायक हैं। उन्होंने जो अपराध किया है व समाज के विश्वास को क्षति पहुंचाने वाला है। इसलिए कठोर सजा सुनाई जाए।
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विशेष सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार जोशी ने कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह, उनकी पत्नी शीला कुशवाह व कृष्ण गोपाल चौरसिया को दो-दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। पूर्व शासकीय अधिवक्ता भारत सिंह कौरव के अनुसार अभी अजब सिंह के पास अपील का मौका है। एक बात और कि यदि अजब सिंह कुशवाह जनप्रतिनिधि कानून 1951 की धारा 8(2) के दायरे में आते हैं तो उनकी विधायकी चली जाएगी और छह साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकते हैं। 
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