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अभिभावकों के लिए राहत: एक ही दुकान से यूनिफॉर्म, किताब खरीदने के लिए नहीं होंगे बाध्य, मनमानी पर होगी FIR

Mon, 10 Apr 2023 02:40 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर कलेक्ट्रेट ने आदेश दिया है कि स्कूल में 15 जून से पहले नए सत्र की किताबों के लिए विद्यार्थियों पर कोई दबाव न बनाया जाए। रिजल्ट से पहले ही किताबों की सूची जारी करें। अगर किसी भी स्कूल संचालक ने इस आदेश का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
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ग्वालियर कलेक्ट्रेट, मध्यप्रदेश - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में ग्वालियर के स्कूलों में नया सत्र शुरू होने से पहले ही विद्यार्थियों के अभिभावकों पर कॉपी-किताबों का दबाव बढ़ने लगा है, क्योंकि प्राइवेट स्कूल और दुकान संचालक अपनी मनमानी में लगे हुए हैं। इसके मद्देनजर ग्वालियर कलेक्ट्रेट ने धारा 144(1)(2) के तहत एक आदेश जारी किया है। इसमें निजी स्कूलों के लिए 10 बिंदुओं की गाइडलाइन तैयार की गई है।

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कलेक्टर अक्षय कुमार स्कूल संचालकों को कहा है कि स्कूल में 15 जून से पहले नए सत्र की किताबों के लिए विद्यार्थियों पर कोई दबाव न बनाया जाए। रिजल्ट से पहले ही किताबों की सूची जारी करें और स्कूल की वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य है। अगर किसी भी स्कूल संचालक ने इस आदेश का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

कलेक्टर अक्षय कुमार ने आदेश में लिखा है कि प्राइवेट स्कूल संचालक और दुकानदार की सांठगांठ के चलते यूनिफॉर्म, किताब, जूते यह सब सामग्री तीन गुनी कीमत में अभिभावकों को दी जाती है। और इसके बदले कई स्कूल संचालक दुकानदारों से मोटा कमीशन भी लेते हैं। यही कारण है कि लगातार किताबें महंगी होती जा रही हैं। इन्हें आम व्यक्ति खरीद नहीं पा रहा है और न ही अपने बच्चों को पढ़ा पा रहा है। कलेक्टर का यह आदेश एक अप्रैल से लागू रहेगा।
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साथ ही कलेक्टर ने आदेश दिए हैं कि इस आदेश को सभी स्कूल संचालक स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेंगे। साथ ही अगर किसी भी स्कूल संचालक की ओर से यह लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

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