मूवी ने जीता इंडिपेंडेंट बेस्ट फीचर फिल्म अवॉर्ड
- फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर के युवा डायरेक्टर जितांक गुर्जर की ग्वालियर बेस्ड स्टोरी और यहीं के नवोदित कलाकारों को लेकर बनाई गई फ़िल्म बासन ने कान्स वर्ल्ड फ़िल्म फेस्टिबल में इतिहास रच दिया। इस विश्व स्तरीय फ़िल्म फेस्टिबल में ऑनलाइन भेजी गई बासन फ़िल्म ने बेस्ट इंडिपेंडेंट फीचर फिल्म केटेगरी के अवार्ड अपने नाम कर लिए।
मूलतः थियेटर से जुड़े जितांक डबरा तहसील के चिटोली गांव के रहने वाले हैं और ग्वालियर में रहकर थियेटर करते हैं। उन्होंने दफीना (गढ़े हुए खजाने) की खोज में रहने वाले लोगों की मनस्थिति पर एक रोचक कहानी लिखी और इसका स्क्रीनप्ले लिखा। उन्होंने इस पर फ़िल्म बनाने की सोची, लेकिन इसके लिए धन जुटाना कठिन था। लेकिन उन्होंने इसके लिए स्थानीय कलाकारों को ही तैयार किया, डायरेक्शन की कमान भी खुद ही संभाली। लोकेशन भी ग्वालियर से लगे इलाके पनिहार में खोजी और फिर दोस्तो की मदद से एक लाख जुटाकर फ़िल्म बनाई।
दोस्तों की मदद से ग्वालियर के ही एक हॉल में ही इसकी स्क्रीनिंग की। फ़िल्म को सबकी सराहना भी मिली। इसके बाद वे फ़िल्म को तमिलनाडु में आयोजित होने वाले अथविकवरुडी फ़िल्म फेस्टिबल में लेकर गए तो वहां दो अवार्ड जीतकर उनका हौसला बढ़ा। इस बीच कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए वेबसाइट के जरिये फ़िल्म की एंट्री मांगी गईं तो जितांक ने भी वहां अपनी फिल्म और एंट्री भेज दी। लेकिन अचानक उन्हें सूचना मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा, जब उन्हें कान्स वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल ऑर्गनाइजेशन से सूचना मिली कि बासन को फेस्टिबल में इंडिपेंडेंट बेस्ट फीचर फिल्म केटेगरी में अवार्ड मिला है।
जितांक की फ़िल्म बासन को विश्व स्तरीय फ़िल्म प्रतियोगिता इंडो फ्रेंच इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में भी पांच अवार्ड हासिल हुए हैं, जिनमें बेस्ट इंडियन फीचर फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्क्रीन प्ले, बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर और बेस्ट ट्रेलर का अवार्ड शामिल है। जितांक का कहना है कि उन्हें कान्स से इसके सर्टिफिकेट मेल से भेजे गए हैं और आगे दिसंबर में होने वाले फिल्म फेस्टिबल के होने वाले संमारोह में बुलाया जाएगा, जिसमें उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।