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Gwalior News: निलंबित डिप्टी कलेक्टर से तीन लाख रुपये की ठगी, विभागीय जांच में सजा कम कराने का दिया झांसा

Sun, 28 Dec 2025 01:47 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर से ठगों ने सीएम पोर्टल और सीएम ऑफिस का कर्मचारी बनकर विभागीय जांच में सजा कम कराने का झांसा दिया। अलग-अलग खातों में 2.95 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। संदेह होने पर पीड़ित ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई।

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अपर कलेक्टर अरविंद्र माहौर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के एक डिप्टी कलेक्टर के साथ करीब तीन लाख रुपये की ठगी हो गई। ठगों ने ग्वालियर में रहने वाले डिप्टी कलेक्टर को विभागीय जांच में सजा कम कराने का झांसा देकर किस्तों में 2 लाख 95 हजार रुपये ठग लिए।
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थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू अशोक कॉलोनी में रहने वाले अरविंद सिंह माहौर मुरैना के सबलगढ़ में पदस्थ थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि रात करीब 8:17 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। अनजान नंबर होने के कारण उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद उसी व्यक्ति ने कलेक्टर महोदय को कॉल कर खुद को सीएम पोर्टल ऑफिस से बोलना बताया और कहा कि डिप्टी कलेक्टर उनका फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर महोदय के कहने पर कुछ देर बाद डिप्टी कलेक्टर के पास एक अन्य नंबर से कॉल आया। वह नंबर “सीएम पोर्टल अश्विनी” नाम से शो हो रहा था। कलेक्टर के संदर्भ में कॉल आने के कारण डिप्टी कलेक्टर ने फोन रिसीव कर लिया। फोन करने वाले शख्स ने खुद को सीएम ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि विभागीय कार्रवाई में सजा कम कराने के लिए कुछ राशि योगदान के रूप में जमा करनी होगी। कॉल करने वाले की बातों में आकर डिप्टी कलेक्टर ने अलग-अलग समय पर ऑनलाइन वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से अलग अलग नंबरों पर करीब 2.95 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा। इस पर डिप्टी कलेक्टर को संदेह हुआ।

शक होने पर डिप्टी कलेक्टर ने खुद जानकारी जुटाई। पता चला कि सीएम ऑफिस में अश्विनी नाम का कोई व्यक्ति या कर्मचारी पदस्थ नहीं है। उन्होंने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने बातचीत बंद कर दी। घटना के बाद डिप्टी कलेक्टर अरविंद सिंह माहौर ने फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत सीसीटीएनएस के जरिए थाटीपुर थाना पहुंची, जहां शनिवार को उनके आवेदन पर साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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घटना के बाद डिप्टी कलेक्टर अरविंद सिंह माहौर ने फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत सीसीटीएनएस के जरिए थाटीपुर थाना पहुंची, जहां शनिवार को उनके आवेदन पर साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में ई जीरो एफआईआर अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत थाटीपुर थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक शासकीय कर्मचारी को फोन कर खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर 2 लाख 95 हजार रुपये की ठगी की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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इस मामले में फरियादी अरविंद माहौर के साथ एक विवाद भी जुड़ा है, जिसमें वह सस्पेंड हैं। ग्वालियर की एक महिला ने उन पर बेटी को फोन कर परेशान करने का आरोप लगाया था। महिला ने जनसुनवाई में वीडियो समेत शिकायत भी की थी। महिला ने जनसुनवाई में शिकायत के साथ एक वीडियो भी कलेक्टर को सौंपा है। वीडियो में दिख रहे एसडीएम अभद्र भाषा में बात करते दिख रहे हैं। वीडियो में वह देवर से पूछते हैं कि तेरी भाभी कहां की है? और भी कई आपत्तिजनक बातें करते हैं।

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