मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के गौरव दिवस के कार्यक्रम को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। विवाद इसलिए भी है कांग्रेस के जिले में चार विधायक हैं, एक महापौर है, लेकिन गौरव दिवस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य के मंत्री समेत मुख्यमंत्री आए थे, कांग्रेस से कोई नही था। इस पर बीजेपी के जिलाध्यक्ष समेत, प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर तंज कसा था। वहीं, कांग्रेस कह रही है कि उन्हें कार्यक्रम में बुलाया ही नहीं गया। बीजेपी ने ग्वालियर गौरव दिवस के कार्यक्रम को हैक कर लिया था।
अटल गौरव दिवस का कार्यक्रम 25 दिसंबर को था, लेकिन बीजेपी के नेताओं के बीच फंस गया था। पहले कार्यक्रम तय हुआ था, फिर रद्द हुआ। जब हंगामा हुआ था तो कार्यक्रम करना पड़ा, लेकिन कार्यक्रम का आयोजक प्रशासन था जिस कारण बीजेपी नेताओं ने उस कार्यक्रम को हैक कर लिया। कांग्रेसी विधायक और महापौर को निमंत्रण तक नहीं भेजा। इस कारण कोई भी कार्यक्रम में नही गया। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा का कहना है कि कांग्रेस छोटे मन की है, अगर वास्तव में कांग्रेसियों के पास निमंत्रण नहीं पहुंचा है तो वो इस मुद्दे पर प्रशासनिक आधिकारियों से बात करेंगे।
बता दें कि 25 दिसंबर को ग्वालियर का गौरव दिवस का कार्यक्रम था, जिसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सहित राज्य सरकार के मंत्री मौजूद थे। वहीं, ग्वालियर जिले के चार कांग्रेसी विधायक सतीश सिकरवार, प्रवीण पाठक, लाखन सिंह यादव, सुरेश राजे ओर महापौर शोभा सिकरवार कार्यक्रम में नहीं आयी थीं, जबकि ग्वालियर जिले के गौरव दिवस को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन के मौके पर उनके नाम से समर्पित कर दिया गया था।