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ग्वालियर हादसे की रुला देने वाली कथाएं: भाई को बचाने आठ किलोमीटर दौड़ा युवक, क्रेन लाया पर नहीं बची जान

Sun, 18 Oct 2026 04:56 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास ट्रक हादसे में गौरव परिहार की मौत हो गई। भाई को बचाने के लिए सौरभ परिहार आठ किलोमीटर दौड़कर हाइड्रा क्रेन लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हादसे में 15 वर्षीय शौर्य शर्मा और उसके ताऊ महेश सहित कई लोगों की मौत हुई।
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ग्वालियर में ट्रक ने लील ली 15 जिंदगिया्ं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास मेले के दौरान हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक अपने भाई की जान बचाने के लिए बेबस होकर आठ किलोमीटर तक दौड़ा। बड़ागांव खुरेरी निवासी सौरभ परिहार अपने भाई गौरव परिहार, बहन और भाई के दोस्त के साथ मंदिर में दर्शन करने आया था। हादसे के बाद जब ट्रक ने भीड़ को रौंदा, तब सौरभ की बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दब गया और उसका भाई गौरव ट्रक के नीचे फंस गया। अपने भाई को किसी तरह बाहर निकालने के लिए सौरभ ने बिना वक्त गंवाए मदद जुटाने की कोशिश शुरू कर दी।
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रास्ते में मिले पुलिसकर्मियों से सौरभ ने तत्काल क्रेन या हाइड्रा बुलाने की गुहार लगाई। पुलिसकर्मियों ने कुछ ही मिनटों में मदद पहुंचने का आश्वासन दिया, लेकिन सौरभ इंतजार करने के बजाय खुद मदद की तलाश में आगे बढ़ गया। रास्ते में कुछ लोगों से लिफ्ट लेकर वह विक्ट्री फैक्टरी पहुंचा और वहां ऑनलाइन 800 रुपये का भुगतान करके एक हाइड्रा लेकर घटनास्थल पर लौटा। हाइड्रा की मदद से ट्रक को उठवाया भी गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और गौरव जिंदगी की जंग हार गया।

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मदद के लिए आठ किलोमीटर का संघर्ष
सौरभ परिहार के इस संघर्ष का एक वीडियो भी सामने आया है, जो हादसे के बाद फैली अफरा-तफरी और बेबसी की कहानी बयां करता है। सौरभ ने बताया कि मंदिर परिसर में दर्शन के लिए जाते समय अचानक यह हादसा हुआ। उसका भाई का दोस्त गाड़ी में ही रुक गया था, जबकि वह भाई और बहन के साथ आगे बढ़ा था। दुर्घटना के तुरंत बाद जब उसने बहन का पैर टायर के नीचे दबा देखा और भाई नहीं दिखा, तो उसे आशंका हुई कि गौरव ट्रक के नीचे दबा हुआ है।

सौरभ ने आसपास के लोगों से मदद मांगी और सड़क पर गाड़ियों को रोकने की कोशिश की। कई वाहन चालकों ने गाड़ी नहीं रोकी, लेकिन कुछ लोगों की मदद से वह विक्ट्री फैक्टरी तक पहुंचने में सफल रहा। वहां से 800 रुपये देकर लाए गए हाइड्रा से जब तक ट्रक हटाया गया, तब तक गौरव की सांसें थम चुकी थीं। अपनों को बचाने की सौरभ की हर संभव कोशिश समय के आगे अधूरी रह गई।

हादसे में कई परिवारों के चिराग बुझे
इस दर्दनाक हादसे ने कई अन्य परिवारों की खुशियां भी छीन लीं। दुर्घटना में 15 वर्षीय शौर्य शर्मा और उसके ताऊ महेश की भी दुखद मौत हो गई। शौर्य अपने परिवार के साथ मेले में दर्शन करने आया था। हादसे में शौर्य के पिता संजय शर्मा, उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इन सभी घायलों का अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है। यह पीड़ित परिवार मूल रूप से श्योपुर जिले के सहसराम गांव का निवासी है और वर्तमान में ग्वालियर में रह रहा था। शीतला माता मंदिर में दर्शन करने की इच्छा लेकर पहुंचे इस परिवार के लिए यह दिन कभी न भूलने वाले दुख में बदल गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

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प्रत्यक्षदर्शी ने बयां किया खौफनाक मंजर…ऐसा लगा कि तूफान आ गया
हादसे में घायल हुई शिवपुरी जिले के बरैठ गांव की 20 वर्षीय जाह्नवी ने उस भयावह दृश्य को याद करते हुए अपनी आपबीती सुनाई। जाह्नवी अपनी बहन साक्षी और सहेली भावना के साथ शीतला माता मंदिर में दर्शन करने आई थी। इस दुर्घटना में जाह्नवी का पैर फ्रैक्चर हो गया। उसने बताया कि जब तेज रफ्तार ट्रक अचानक भीड़ में घुसा, तो ऐसा लगा जैसे कोई भीषण तूफान आ गया हो।

जाह्नवी के अनुसार, किसी भी श्रद्धालु को संभलने या समझने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी भगदड़ में वह नीचे गिर पड़ी। जाह्नवी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले 15 वर्षीय शौर्य और उसके ताऊ महेश भी उसी के गांव के रहने वाले थे।
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