फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्वालियर: पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कमलनाथ पर कसा तंज, कहा- कमलनाथ जी से ज्यादा युवा चेहरा हमारे पास नहीं

Tue, 05 Apr 2022 03:32 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

अपने बयानों से चर्चा में बने रहने वाले पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अब कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कमलनाथ को पार्टी का सबसे युवा चेहरा बताया है। साथ ही शिवराज सरकार को भी निशाने पर लिया है।
 
विज्ञापन
पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अब कमलनाथ पर तंज कसा है। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अब कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कमलनाथ को पार्टी का सबसे युवा चेहरा बताया है। साथ ही शिवराज सरकार को भी निशाने पर लिया है।
विज्ञापन

 
लहार से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर अपनी राय रखी। मीडिया से बात करते समय मजाकिया लहजे में वे कमलनाथ पर तंज कस बैठे। दरअसल जब उनसे पूछा गया कि ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ-साथ प्रदेश में कांग्रेस के पास कौन सा युवा चेहरा है जो सिंधिया की कमी को पूरा कर सकता है। इस सवाल को लेकर पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि हमारे प्रदेश में कांग्रेस के पास हमारे पूर्व सीएम कमलनाथ सबसे युवा चेहरा हैं। उनसे ज्यादा युवा चेहरा कांग्रेस पार्टी में दिखाई नहीं दे रहा है। इतना कहते हुए वे मुस्कुरा भी दिए।

इसके साथ ही गोविंद सिंह ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ग्वालियर चंबल अंचल की जनता को गुमराह करने में लगी हुई है। कोई भी ऐसा विकास कार्य नहीं है जो अभी धरातल पर उतरा हो। साल 2018 के चुनाव में शिवराज सिंह ने चंबल एक्सप्रेस वे की घोषणा की, उसके बाद एक्सप्रेस वे का लगातार नाम बदल रहा है। साल 2018 के उपचुनाव में इसका नाम अटल एक्सप्रेस वे पर रख दिया और अब संभावना जताई जा रही है कि साल 2023 के उपचुनाव में इसका नाम मोदी एक्सप्रेस वे ना हो जाए।
विज्ञापन

 
शिवराज के बुलडोजर अवतार पर भी कर चुके कमेंट
हाल ही में पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने मध्य प्रदेश में अपराधियों पर चल रहे बुलडोजर कार्रवाई को तालिबानी हरकत करार दिया था। साथ ही पीड़ितों को अपने पास आने का कहा था ताकि वे उनके लिए लड़ाई लड़ सकें। उनके लिए वे मानवाधिकार और अदालत जाने की बात भी कह रहे थे। पढ़ें विस्तार से
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें