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गुना: फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर ली पुलिस की नौकरी, रिटायर्ड आईपीएस पर FIR, जांच के घेरे में दस्तावेज

Sat, 19 Sep 2026 05:02 PM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

गुना के रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीना के ST प्रमाण पत्र को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज की है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति पहले ही प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित कर चुकी है। अब सतर्कता शाखा प्रमाण पत्र जारी होने से लेकर उसके इस्तेमाल और लाभ की जांच कर रही है।
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रिटायर्ड आईपीएस पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में एफआईआर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ सामने आई शिकायत के आधार पर पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने एआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला वर्ष 1984 में विदिशा जिले से जारी किए गए ST प्रमाण पत्र से जुड़ा है, जिसे उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच के बाद अमान्य घोषित किया जा चुका है।
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मामले की शुरुआत राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रघुवीर सिंह मीना ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी के रूप में आरक्षण का लाभ लिया। शिकायत के बाद प्रकरण को मध्यप्रदेश शासन की अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति, भोपाल के समक्ष भेजा गया।

समिति ने उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों, पुराने अभिलेखों और संबंधित तथ्यों की जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि वर्ष 1984 में विदिशा के क्षेत्र संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से रघुवीर सिंह मीना के नाम ST प्रमाण पत्र जारी किया गया था। समिति ने जांच के बाद इस प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित कर दिया। जांच के दौरान प्रमाण पत्र जारी होने की परिस्थितियों के साथ रघुवीर सिंह मीना के मूल निवासी होने से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया। प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और उस समय उपलब्ध दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
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शिक्षक रहते OBC का उल्लेख, बाद में ST
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीना मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उस दौरान उन्होंने स्वयं को अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत किया था। बाद में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से उनका चयन उप पुलिस अधीक्षक पद के लिए हुआ। शासकीय सेवा के दौरान उन्हें पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ भी मिले। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि ST प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें आरक्षण या अन्य कोई लाभ मिला था या नहीं और प्रमाण पत्र के इस्तेमाल की परिस्थितियां क्या थीं?

पुलिस मुख्यालय भोपाल के थाना सतर्कता में उपलब्ध जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब प्रमाण पत्र जारी होने से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। जांच में संबंधित दस्तावेज, प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका, शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान अहम साक्ष्य होंगे।
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बता दें कि रघुवीर सिंह मीना गुना जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पत्नी ममता मीना भी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वे 2013 से 2018 तक चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में रघुवीर सिंह मीना और ममता मीना दोनों जिला पंचायत सदस्य हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद प्रमाण पत्र जारी होने और उसके इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।
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