MP News: कटनी जिले से 42 किमी दूर भगवान शिव की नगरी के नाम से मशहूर नीलकंठेश्वर धाम में महा शिवरात्रि को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। जहां हर वर्ष की भांति करीब 20 हजार शिवभक्त पहुंचकर न सिर्फ बारात में शामिल होंगे, बल्कि माता पार्वती के साथ विवाह का हिस्सा बनेंगे।
नीलकंठेश्वर धाम मंदिर कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र के पडखुंडी ग्राम में स्थित है। यह क्षेत्र बड़े-बड़े पर्वतों से घिरे होने के चलते काफी शांत रहता है। जिससे यहां होने वाली अखंड मानस और भक्तिमय कीर्तन दूर दराज तक सुनाई देती। मंदिर के पुजारी ने बताया की इस भव्य मंदिर का निर्माण कटनी के प्रतिष्ठित व्यवसाई मदन लाल ग्रोवर द्वारा सन् 1991 में करवाया था, जिसे देखने कटनी सहित आस-पास के श्रद्धालु यहां पहुंचते है।
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भव्य बाजे गाजे के साथ बारात
वहीं इस शिव मंदिर में पिछले 34 वर्षों से अखंड रामचरित्र मानस और भगवान शिव के कीर्तन किए जाते है और शिवरात्रि के पवन अवसर के 42 दिन पूर्व से ही मंदिर में शिवलिंग निर्माण शुरू हो जाता है, जिनकी विधिवत् पूजा के बाद उनका विसर्जन किया जाता है। नीलकंठेश्वर धाम के ट्रस्ट संचालक मदन लाल ग्रोवर ने बताया की शिवरात्रि दिन भगवान शिव की मंदिर से भव्य बाजे गाजे के साथ बारात निकलती हैं, जिसमें शामिल होने स्थानीय श्रद्धालु सहित कटनी और आस पास के जिलों के लोग पहुंचते हैं।