उन्होंने तीसरे ट्वीट में लिखा, 'मेरा मानना है कि ऐसी खबरों से अब कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं देश मे अप्रत्याशित रूप से बढ़ेगी तथा महिला पुरुष के लिंगानुपात में भारी अंतर आएगा जो हमे अगले तीन वर्षों में सामाजिक सर्वे में स्पष्ट रूप से दिखेगा। नर्सिंग होम एवं निजी अस्पतालों में गर्भपात का गोरखधंधा खूब फलेगा फूलेगा।'
टीवी और मोबाइल भारतीय समाज के लिए अभिशाप
अगले ट्वीट में लिखा, 'धन्य है ऐसे समाज सुधारक खबरिया एवं राष्ट्रीय समाचार चैनल और उनके एंकर। अब TV और मोबाइल भारतीय परिवारों के लिए अभिशाप बनते जा रहें हैं। समय रहते समझदार लोग इस अभिशाप से मुक्ति पाएं तो परिवार सुखी रहेगा।'
विवाद बढ़ने पर निजी राय बता मांगी माफी
अपने ट्वीट पर विवाद बढ़ता देख गोपाल भार्गव ने इसे अपना निजी विचार करार दिया और क्षमा भी मांग ली। उन्होंने लिखा, 'देश के एक आम नागरिक के रूप में यह मेरे निजी विचार हैं। अनेक व्यक्ति या समाचार माध्यम इससे असहमत भी हो सकते हैं, जो कि स्वाभाविक है। यदि उनको मेरे इन विचारों से कष्ट पहुंचा हो तो उसके लिए मुझे क्षमा करें।'