विकास दुबे की गार्ड लखन यादव ने की थी पहचान
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कानपुर गोलीकांड के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मंदिर में पूजा और दर्शनों के लिए लाइन में लगा हुआ था। उसने खुद ही चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि मैं विकास दुबे हूं। इसके बाद मंदिर में तैनात गार्ड लखन यादव ने उसकी पहचान की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया कि पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे जाने के डर से विकास दुबे आत्मसमर्पण करना चाहता था। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद वो चिल्ला चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि पुलिस को उसके बारे में सूचना दी जाए।
पुजारी ने बताया कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को लगा कि इस व्यक्ति की शक्ल कानपुर के अपराधी विकास दुबे से मिलती है तो उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया। इसके बाद महाकाल मंदिर की पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई। यह घटनाक्रम सुबह नौ बजे के आसपास हुआ। दुबे 250 रुपये की वीवीआईपी दर्शन की रसीद कटवाकर मंदिर में दाखिल हुआ था।
उन्होंने बताया कि जब विकास दुबे रसीद कटवाने के लिए पहुंचा था तभी वहां मौजूद कर्मचारी को लगा कि यह विकास दुबे है। शक होने पर मंदिर के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया था। पुजारी ने बताया कि सावन में महाकाल मंदिर में रोजाना लगभग सात-आठ लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आने के बाद दुबे ने किसी भी तरह की न तो बदमाशी और न ही भागने की कोशिश की।