मध्यप्रदेश के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में नए तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां डेंटल सर्जरी की परीक्षा में कॉपियां परीक्षा हॉल के बाहर लिखी जा रही थीं। हैरत की बात यह है कि प्रोफेसर भी इस काम में मदद कर रहे थे।
इस मामले में 4 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है जो प्रोफेसरों के साथ मिलकर बाहर से लिखी गई कॉपियों को परीक्षा की कॉपियों के साथ जमा करा रहे थे।
इस गिरोह का सरगना बीयू का पूर्व छात्र सज्जन सिंह परमार फरार है। वहीं कुछ प्रोफेसरों से पूछताछ की जा रही है जबकि कुछ अन्य संदेह के घेरे में हैं।
एसटीएफ ने बीयू प्रशासन से मामले की पूरी जानकारी मांगी है।
30 हजार दो उत्तर लो
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि परमार विवि के कुछ प्रोफेसर्स और अन्य कर्मचारियों से मिलकर गिरोह चलाता है। एक प्रश्नपत्र के उत्तर लिखने के लिए छात्रों से 30 हजार रुपए लिए जाते थे।