पूर्व जिला अध्यक्ष रामप्रकाश यादव और उनके बेटे की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमले में रामप्रकाश यादव का दूसरा बेटा और भतीजा बच गये हैं। इस हमले की वजह पुराना विवाद बताया जा रहा है।
रामप्रकाश यादव बुधवार की रात अपने बेटे और अन्य परिजनों के साथ जीवाजी क्लब में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होकर मोहनपुर स्थित अपने घर जा रहे थे। तभी रास्ते में जिले के होराबली गांव के पास बदमाशों ने उनकी कार को रोककर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इस हमले में कार सवार रामप्रकाश यादव (45) और उनके पुत्र अजीत यादव (20) की मौत हो गयी जबकि उनका दूसरा बेटा इन्द्रजीत और भतीजा दयानंद बाल-बाल बच गये।
बदमाशों ने सबसे पहले रामप्रकाश को निशाने पर लिया था। फायरिंग के दौरान कार चला रहे रामप्रकाश के बेटे इंद्रजीत ने कार को सड़क से कच्चे रास्ते पर उतारकर भागने की कोशिश की लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाए। फायरिंग करने के बाद बदमाश भाग निकले। इस वारदात की सूचना मिलते ही आला अफसर मौके पर पहुंच गए।
बताया गया है कि रामप्रकाश का बदमाशों से पुराना विवाद चल रहा था। इसके चलते बदमाशों ने पिता पुत्र को गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने इस हत्याकांड में गजेंद्र यादव, मोनू, अजीत, कल्याण सिंह और चन्द्रप्रकाश के नाम सामने आने पर उनकी तलाश शुरू कर दी है।