फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोयले का काला खेल: कागजों पर चल रहीं फर्म, एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम भी छापा मारने ढूंढती रही दफ्तर

Wed, 15 Feb 2023 08:18 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

जबलपुर से आई एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने दो ऐसी कोयला ट्रेडिंग फर्म का खुलासा किया है, जो बोगस थीं। टीम जब जांच करने पहुंची तो पता चला कि फर्म का जो कार्यालय दर्शाया गया है वह केवल कागजों में संचालित हो रहा है। 
विज्ञापन
शहडोल में दो कोयला फर्म कागजों पर पाई गईं। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संभागीय मुख्यालय शहडोल में जबलपुर से आई एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने दो ऐसी कोयला ट्रेडिंग फर्म का खुलासा किया है, जो बोगस थीं। टीम जब जांच करने पहुंची तो पता चला कि फर्म का जो कार्यालय दर्शाया गया है वह केवल कागजों में संचालित हो रहा है। जमीनी तौर पर दर्ज पते पर कोई कार्यालय ही नही है। ये भी पता चला है कि इन फर्मों से कोयले की खरीद-फरोख्त अवैध रूप से की जा रही थी। साथ ही जीएसटी व कर चोरी की भी बात सामने आई है। 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार एंटी इवेजन ब्यूरो जबलपुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहडोल जिले में दो ऐसी कोयला फर्म हैं जिनका कार्यालय केवल कागजों में संचालित है। शहडोल के कोटमा में जिस पते पर फर्म संचालित होना बताया गया है, वहां पर इस नाम की फर्म का कोई कार्यालय ही नहीं है। एंटी इवेजन ब्यूरो की 9 सदस्यीय टीम फर्म में दर्ज पते पर पहुंची तो मेसर्स अंश कोल कॉर्पोरशन (प्रोपराइटर योगेंद्र धार्या) और मेसर्स समृद्धि कोल ट्रेड एवं ट्रांसपोर्ट (प्रोपराइटर नूतेन्द्र धार्या) का कोई कार्यालय संचालित नहीं पाया गया। 

बता दें कि टीम शहडोल स्थित इन फर्मों के दर्ज कार्यालय में दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के लिए आई थी, लेकिन यहां टीम को फर्मों का कोई कार्यालय ही नहीं मिला। आसपास पूछ्ताछ करने पर फर्म के प्रोपराइटर का एक मकान होना पता चला। टीम जब वह पहुंची और पूछताछ की तो बताया गया घर पर कोई पुरुष अभी नही है, सब बाहर गए हैं। इसके बाद टीम ने पंचनामा समेत अन्य कागजी कार्यवाही वहीं बैठकर पूरी की और फिर वहां से लौट आए।
विज्ञापन


एंटी इवेजन की टीम के अनुसार उक्त बोगस फर्म के नाम कोयले का परिवहन अन्य जिलों व राज्यो में किया जा रहा है, वह फर्म शहडोल में मौजूद ही नहीं है बल्कि वह सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। टीम को जांच में पता चला कि इन दो फर्मों के नाम से अवैध कोयले को वैद्य तरीके से अन्य जिलों में भेजा जाता है। यहां तक कि फर्म में इनके प्रोपाइटरों के जो मोबाइल नंबर दर्ज थे वे स्विच ऑफ थे। इस मामले में एईबी के संयुक्त आयुक्त  आरके ठाकुर का कहना है कि शहडोल में दो कोयला फर्मों के कागजों में संचालित होने की जानकारी मिली थी। टीम की कार्रवाई के दौरान शहडोल के कुदरी रोड बलपुरवा में इन दो फर्मों के व्यवसाय स्थल का निरीक्षण किया गया तो दोनों फर्मों द्वारा सिर्फ कागजी तौर पर ही व्यवसाय करना पाया गया। दर्ज पते पर कोई कार्यालय इन फर्मों का संचालित होना नहीं पाया गया। 
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें