मध्यप्रदेश में प्रस्तावित किसान आंदोलन को देखते हुए राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि किसान आंदोलन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा या सीएम हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बावजूद इसके किसान शहर के भीतर दाखिल हो गए हैं।
मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पॉलीटेक्निक चौराहा और कमलापार्क तिराहे के आसपास करीब 20 दिन पहले ही पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी थी। इसके तहत सीएम हाउस के आसपास लगभग एक किलोमीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है।
जिले की सीमाओं पर बढ़ेगी सख्ती
भोपाल पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जिले का पूरा पुलिस अमला किसान आंदोलन को लेकर अलर्ट मोड पर है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, प्रमुख सड़कों तथा अन्य मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मंगलवार शाम तक सभी चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था, लेकिन खुफिया एजेंसियां पल-पल की जानकारी जुटा रही हैं।
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क्यों आ रहे हैं किसान?
दरअसल, मध्य प्रदेश में किसान सड़क पर उतर आए हैं। मूंग की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई संयुक्त किसान मोर्चा की पदयात्रा अब प्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब पहुंच गई है।
ये है आठ सूत्रीय मांग
- मूंग की 100 प्रतिशत उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए
- ई-टोकन व्यवस्था खत्म की जाए
- एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी दी जाए
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार किया जाए
- अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए
- अनुदान पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएं
- ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया जाए
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील समाप्त करने की मांग