कटनी में पानी की कमी से खेत सूखने लगे हैं और फसलें मुरझाने लगी हैं।
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मौसम की बेरुखी और बिजली विभाग की मनमानी से किसानों के चेहरे में मायूसी छाई हुई है। समय पर बिजली नहीं मिलने से किसान फसलों को पानी नहीं दे पा रहे हैं। इससे फसलें सूखने और मुरझाने लगी हैं।
किसानों ने बताया कि 24 घंटों में से उन्हें आधे-एक घंटे ही बिजली मिल पाती है जिससे धान की सफल सूख रही है। ये हाल जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर बसे मुहांस ग्राम है, जहां करीब 50 से अधिक ऐसे किसान हैं जो बारिश न होने और बिजली न मिल पाने से काफी परेशान हैं। किसान रामलाल गाडरी ने अपने 2 एकड़ के खेत में धान की फसल बोई है, लेकिन बारिश न होने से उनके खेत में दरारें फूट गई हैं। रामलाल बताते हैं गांव में किसानी ट्रांसफॉर्मर में आधे-एक घंटे ही बिजली रहती है। बिजली के आने जाने से खेत में पानी नहीं लगा पा रहे। धान की गहाई बुवाई के लिए 50 हजार की लागत लगाए थे, लेकिन धान की फसल सूखकर पीली पड़ने लगी है। ये केवल उनका नहीं बल्कि क्षेत्र के करीब 100 से ज्यादा किसानों के हाल है।
मुडेहरा ग्राम के किसान जय सिंह बताते हैं क्षेत्र में तिली, उड़द और धान की फसल बोई गई है। गांव में पानी की कमी होने के कारण कई बोर करवाए, लेकिन आधे से ज्यादा फेल हो गए। वहीं जो बोर सफल हैं वहां बिजली न मिलने से खेतों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। जय सिंह ने बताया कि वो करीब 5 से 6 एकड़ में धान की खेती करते हैं पानी की कमी से फसल मुरझा रही है। पीली पड़ रही है, जबकि खेती के लिए अभी तक 80 हजार लगा चुके हैं। आगे और लगना हैं, लेकिन बारिश नहीं हुई और बिजली नहीं मिली तो पूरा पैसा डूब जाएगा।