फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान ने जीभ काटकर देवी को चढ़ाई, तड़पकर मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
देश के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास की घटनाएं लगातार लोगों की जान की दुश्मन बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक युवा किसान ने अपनी जीभ काटकर माता के मंदिर में चढ़ा दी। मामला आस्था का था लेकिन उसकी जान पर बन आई।
विज्ञापन


भारी मात्रा में खून बहने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। हैरत ये रही कि जिस समय युवक दर्द से तड़फ रहा था वहां खड़े लोग तमाशा देखते रहे लेकिन किसी ने उसकी जान बचाने की कोशिश नहीं की।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मृतक युवक की पहचान सतना के खराटा गांव के दीपक कोल के रूप में हुई है। वाकया बुधवार का है। जब युवक ने अपनी जीभ काटकर माता के मंदिर में चढ़ा दी। जीभ काटते ही उसके मुंह से काफी मात्रा में खून बहने लगा जिससे वह बेहोश हो गया।
विज्ञापन

अगले दिन सरपंच ने पुलिस को दी सूचना

वहां खड़े लोग आस्‍था के चक्कर में पड़कर उसे यूं ही देखते रहे। युवक अगले दिन बृहस्पतिवार तक भी बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। जब वह होश में नहीं आया तो गांव के सरपंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे ऐसा करने के लिए किसने उकसाया।

पुलिस के अनुसार ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब किसी ने इस तरह अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपनी जान दे दी। ऐसे ही एक वाकये में सतना जिले के चौरही गांव में 32 साल के राजकुमार विश्वकर्मा ने अपनी जीभ का एक हिस्सा काटकर मंदिर में चढ़ा दिया था।
विज्ञापन

इससे पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई घटनाएं

जिसके बाद वह बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा। कुछ घंटे बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। डॉक्टरों के अनुसार पुलिस ने उसे समय से अस्पताल पहुंचा दिया जिससे उसकी जान बच गई।

इससे पहले 10 अगस्त 2008 में भी नगोड तहसील के एक गांव में रहने वाले 45 साल के घनश्याम कोरी की भी इसी तरह मौत हो गई थी। जब उसने अपनी जीभ काटकर देवी की तस्वीर पर चढ़ा दी थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें