मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए निर्धारित इमरजेंसी सेवा (108) एक अलग ही तरह की मुश्किलों का सामना कर रही है। इस सेवा के लिए ये मुश्किलें आम लोग पेश कर रहे हैं जो रोज़ हज़ारों की संख्या में गलत नाम से या फ़र्ज़ी फ़ोन कॉल करते हैं।
इससे इमरजेंसी सेवा में काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हर रोज़ इस नंबर पर लगभग 20,000 हज़ार तक फ़ेक कॉल आती हैं। 108 सेवा को संचालित कर रहे लोगों को कहना है कि फ़र्ज़ी कॉल के दौरान लाइन व्यस्त होने के कारण कई जरुरतमंद लोगों तक सेवा नहीं पहुंच पाती होगी।
इस सेवा को चला रही जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट और रिसर्च सेंटर के हेड आशुतोष शुक्ला ने बीबीसी को बताया, “हमें हर रोज़ लगभग 29,000 के करीब काल आते हैं जिनमें सिर्फ़ 5500 ही जरुरतमंदों के होते हैं।