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इन वजहों से 48 घंटे बाद भी नहीं हो सका कमलनाथ कैबिनेट के विभागों का बंटवारा

Thu, 27 Dec 2018 10:46 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

  • सिंधिया गृह विभाग तुलसी सिलावट को तो मुख्यमंत्री कमलनाथ बाला बच्चन को देना चाहते है
  • दिग्विजय अपने बेटे जयवर्धन के लिए चाहते है वित्त मंत्रालय 
  • कंसाना ने सिंधिया पर लगाए हैं मंत्रियों की सूची से नाम कटवाने के आरोप 
  • पार्टी आलाकमान के पास पहुंचा मामला, अहमद पटेल से सिंधिया ने की बात 
     
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kamal nath- digvijay singh- jyotiraditya scindia
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विस्तार
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कमलनाथ कैबिनेट में विभागों के बंटवारे को लेकर सस्पेंस अब भी बरकरार है। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के 48 घंटे बाद भी मंत्रियों को मिलने वाले पोर्टफोलियो पर मंथन जारी है। बुधवार को सुबह से देर रात तक मुलाकातों का दौरा जारी रहा। बताया जा रहा है कि कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच वित्त, गृह और परिवहन विभाग को लेकर पेंच फंसा हुआ है। अब यह मामला पार्टी आलाकमान के पास पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री और सिंधिया की पसंद जुदा 

सिंधिया अपने गुट के लिए उप मुख्यमंत्री का पद हासिल करने पर अड़े थे तब पार्टी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने इसे सुलझाया था। अब इस बार गृह विभाग के मसले को लेकर भी सिंधिया गट ने अहमद पटेल से ही बात की है। उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग बंटवारे में भी पटेल अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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सिंधिया जहां गृह और परिवहन विभाग तुलसी सिलावट को दिलवाना चाहते हैं वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ की पसंद राजपुर विधायक बाला बच्चन है। अनुभव और वरिष्टता का हवाला देकर दिग्विजय सिंह डॉ. गोविंद सिंह को गृह विभाग दिलाने पर अड़े हैं। इसके अलावा दिग्विजय सिंह अपने बेटे और राघोगढ़ के विधायक बने जयवर्धन सिंह को वित्त विभाग देने की वकालत कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंत्रिमंडल के गठन से पहले कहा था कि मंत्री और राज्यमंत्री के बीच काम का बंटवारे के बीच विकास कार्यों में देरी होती है। लिहाजा उन्होंने यह सुझाव दिया था कि मंत्री ही विभाग का सर्वेसर्वा हो ताकि काम आसानी से हो सके। कमलनाथ ने भी इस बात के संकेत दिए है कि मंत्रालय मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं बल्कि मंत्री चलाएंगे।

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देरी की वजह है यह उलझने 

सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ ने विभाग बंटवारे को लेकर देर रात सिंधिया से चर्चा की। विभागों के बंटवारे को देखते हुए दिग्विजय सिंह ने दिल्ली के कार्यक्रम को रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनकी सभी पहलुओं पर लंबी चर्चा हुई। कमलनाथ ने साफ तौर पर कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बेहतर परिणाम चाहिए तो उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर फ्री हैंड मिलना चाहिए।

राहुल की भी अपनी अलग लिस्ट

कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के कोटे से मंत्री बने कमलेश्वर पटेल, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए जा सकते है। साथ ही नाराज चल रहे विधायकों की नाराजगी भी विभाग बटंवारे में देरी की बड़ी वजह मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह से मिलने पहुंचे बिसाहू मंत्री नहीं बनाए जाने से रोने लगे।

वहीं सोमावली से विधायक कंसाना ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पक्षपात का आरोप लगाया। कंसाना की मानें तो सिंधिया ने ही केपी सिंह, बिसाहूलाल के नाम भी मंत्रियों की सूची से हटवाए हैं। वरिष्ठ विधायकों केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह और ऐदल सिंह कंसाना की नाराजगी का मामला एक दो दिन में निपटाया जा सकता है। इसके बाद ही विभागों का बंटवारा होगा। 

नाथ ने दिग्विजय को बनाया संकटमोचन

नाराज चल रहे विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह को सौंपी है। दिलचस्प है कि चुनाव से पहले बागियों को मनाने के लिए भी दिग्विजय ने ही मोर्चा संभाला था। शाम चार बजे दिग्विजय सिंह ने सोमावली विधायक कंसाना से राजधानी के फार्म हाउस में मिलाकर नाराजगी दूर करने का प्रयास किया। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने बिसाहूलाल और कंसाना की मुलाकात कमलनाथ से भी करवाई।  सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके इन नेताओं को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का आश्वासन दिया है।
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इस वजह से अटक रहा है विभागों का आवंटन

ऐसे हो सकता है विभागों का बंटवारा
मंत्री किसके समर्थक विभाग
सज्जन सिंह वर्मा कमलनाथ लोक निर्माण विभाग, पर्यावरण विभाग
तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
जीतू पटवारी दिग्विजय खेल एवं युवा कल्याण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग
उमंग सिंघार ज्योतिरादित्य वन विभाग
बाला बच्चन कमलनाथ गृह विभाग, जेल विभाग
प्रदीप जायसवाल दिग्विजय खनिज संसाधन विभाग
डॉ. गोविंद सिंह दिग्विजय सहकारिता विभाग, संसदीय कार्य विभाग 
विजय लक्ष्मी साधौ दिग्विजय संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा व आयुष विभाग
आरिफ अकील दिग्विजय भोपाल गैस त्रासदी राहत व पुनर्वास विभाग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम विभाग
लाखन सिंह यादव ज्योतिरादित्य पशुपालन विभाग, मछुआ कल्याण व मत्स्य विकास विभाग
गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य राजस्व विभाग, परिवहन विभाग
ओमकार सिंह मरकाम कमलनाथ जनजातीय कार्य विभाग, विमुक्त घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग
सुखदेव पांसे कमलनाथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
प्रभुराम चौधरी ज्योतिरादित्य स्कूल शिक्षा विभाग
जयवर्द्धन सिंह दिग्विजय नगरीय विकास एवं आवास विभाग
कमलेश्वर पटेल दिग्विजय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
हुकुम सिंह कराड़ा कमलनाथ जल संसाधन विभाग
हर्ष यादव दिग्विजय कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग
इमरती देवी ज्योतिरादित्य महिला एवं बाल विकास विभाग
प्रियव्रत सिंह दिग्विजय ऊर्जा विभाग
ब्रजेंद्र सिंह राठौर दिग्विजय वाणिज्यिक कर विभाग
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