मध्यप्रदेश के भिंड में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक गजब का वाकया सामने आया है। मंदिर को सड़क पर मानते हुए नगर पालिका ने उसे हटाने के लिए नोटिस भेजा तो हंगामा खड़ा हो गया। असल में नोटिस के विवाद की जड़ है वो जिसके नाम से यह भेजा गया।
नगर पालिका के कर्मचारियों ने नोटिस सीधे भगवान हनुमान को ही नोटिस भेज दिया। नोटिस भेजकर उनसे तीन दिन में अतिक्रमण हटाने और न हटाने पर कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई है। जब इसका पता श्रद्धालुओं को चला तो हंगामा मच गया।
गुस्साए लोगों ने नगरपालिका के ऑफिस में जाकर जमकर हंगामा किया। नगर पालिका को अपनी गलती का एहसास हुआ तो पूरा विभाग एक टांग पर खड़ा होकर भगवान हनुमान और श्रद्धालुओं से माफी मांग रहा है।
मंदिर प्रबंधन से चल रहा है पालिका का विवाद
आइये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि पूरा मामला आखिर है क्या। मध्यप्रदेश के भिंड में किला रोड पर बजरिया बाजार में सड़क पर हनुमान जी का काफी पुराना मंदिर है। मंदिर प्रबंधन का नगर पालिका से कई सालों से विवाद चला आ रहा है।
मामले में ग्वालियर हाइकोर्ट भी अपना निर्णय नगर पालिका के पक्ष में दे चुका है। इसके बाद नगर पालिका मंदिर को अपनी जमीन पर बताकर कई नोटिस भी भेज चुका है। आरोप है कि मंदिर प्रबंधन पालिका के किसी नोटिस का जवाब नहीं देता।
ऐसे में अब नगर पालिका के कर्मचारियों ने सीधे भगवान हनुमान को ही नोटिस भेज दिया। नोटिस में हनुमानजी को संबोधित करते हुए तीन दिन में अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कर्मचारियों ने नोटिस किसी को देने की बजाय मंदिर की दीवार पर ही चिपका दिया।
नोटिस मिलते ही भड़के लोग, अधिकारी बैकफुट पर
मामले की जानकारी जब मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग पालिका दफ्तर भी पहुंचे और अधिकारियों से आपत्ति जताई। लोगों ने इसे भगवान का अपमान बताते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने इसे गलती बताते हुए नोटिस वापिस मंगाने की बात कही। वहीं आरोपी लिपिक धीरेश तिवारी ने भी इसे गलती मानते हुए नोटिस वापिस लेने की बात कही। उसने यह भी कहा कि वह इस गलती के लिए हनुमानजी से माफी मांगेगा।
बहरहाल मामला गलती का हो या जानबूझकर लेकिन ये ऐसा पहला मामला नहीं है जिसमें नगर पालिका कर्मचारियों ने सीधे भगवान को ही नोटिस भेज दिया है। इससे पहले भी कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं जब सीधे भगवान के नाम ही नोटिस भेजकर नगर पालिका अपनी जग हंसाई करवाता है।