मध्य प्रदेश में अप्रैल से विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगने वाला है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बिल में 5 पैसे 12 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी।
बिजली वितरण कंपनियों ने बिजली दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को भेजा था। कंपनियों ने 8.7 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग की थी। आयोग ने 2.64 प्रतिशत की वृद्धि की है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पहली बार ग्रीन एनर्जी ट्रैरिफ लागू किया गया है। निम्न दाब औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं, रेलवे स्टेशन, ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन एवं लाइट व्हीकल 2.2 ( गैर घरेलू) श्रेणी की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। निम्न दाब उपभोक्ताओं के बिल में मात्र 5 पैसे से लेकर 12 पैसे तक की वृद्धि की गई है।
उपभोक्ताओं को मीटर रेंट अथवा मीटर चार्ज नहीं लगेगा। घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल भुगतान के लिए दिए जाने वाली 0.5 प्रतिशत की छूट में अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया है। अभी अधिकतम 20 रुपये तक की छूट दी जाती थी। उच्च दाब उपभोक्ताओं को पूर्व वर्ष में दी जा रही छूट एवं प्रोत्साहन को लागू रखा गया है।
1 करोड़ उपभोक्ताओं पर 4 रुपये का अतिरिक्त भार आएगा
प्रदेश में एक करोड़ 70 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें से 1 करोड़ 20 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। अटल गृह ज्योति योजना में 150 यूनिट तक की मासिक खपत वाले लगभग 1 करोड़ घरेलू उपभोक्ता हैं, जिन पर अधिकतम 4 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त भार आएगा।
ऐसे जाने कितना बढ़ेगा आपका बिल
घरेलू श्रेणी में 100 यूनिट खपत पर 639 रुपये बिल बनता है। इसमें 539 रुपये सब्सिडी सरकार देती है। 100 रुपये उपभोक्ता का देयक होता है। इसमें नई दर से कोई वृद्धि नहीं हुई है। 150 यूनिट खपत पर 639 रुपये का बिल बनता है। इसमें भी 539 रुपये सब्सिडी सरकार देती है। 393 रुपये उपभोक्ता को देना होता है। इसमें नई दर से 4 रुपये की वृद्धि हुई है। 200 यूनिट खपत पर 1545 रुपये बिल बनता है। इसमें नई दर से 51 रुपये की वृद्धि हुई है। 300 यूनिट का 2441 बिजली बिल बनता है। इसमें 74 रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, 500 यूनिट खपत में 4362 रुपये बिल बनता है। इसमें 123 रुपये की वृद्धि हुई है।
उपभोक्ताओं को 22.500 करोड़ की सब्सिडी
मंत्री ने बताया कि सरकार वर्ष 2022-23 में 22 हजार 500 करोड़ रुपये की सब्सिडी बिजली उपभोक्ताओं को देगी। साथ ही कृषि उपभोक्ताओं के बिल का 93 प्रतिशत सरकार भुगतान करेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बिलों का भुगतान भी सरकार करेंगी। यह राशि 6400 करोड़ रुपये है।