उन्होंने कहा कि अटल जी का रवैया अलग था। आज देश का माहौल बिगड़ा हुआ है। आज भाजपा की यह विचारधारा है कि अगर तुम हमारे साथ नहीं, तो तुम राष्ट्र विरोधी हो। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस का नहीं हूं और न कांग्रेस का होऊंगा।
जब उनसे सवाल किया गया कि क्या आप राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार देखते हैं, तो इस पर जावेद ने कहा, ‘नहीं। अभी तक मुझे ऐसा लगा नहीं कि वह प्रधानमंत्री हो जाएं। मैंने ऐसी कोई बात नहीं देखी है। यह कोई प्रेसिडेंशियल चुनाव नहीं हो रहा है कि या तो ये बनेंगे प्रधानमंत्री या वो बनेंगे। प्रधानमंत्री के लिए थोड़े ही लड़ता है कोई। आप (प्रत्याशी) तो लड़ते हैं सांसद के लिए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘किस पार्टी के कितने लोग (सांसद) आएंगे, क्या बनेगा… अकेले तो किसी की भी सरकार नहीं बननी है। न भाजपा की, न कांग्रेस की। यहां भी ग्रुप (गठबंधन) बनेगा, वहां भी ग्रुप (गठबंधन) बनेगा। अब कौन सा ग्रुप भारी पड़ेगा, वह तो 23 मई को मालूम होगा।’ इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा 'चौकीदार चोर है' कही जाने वाली भाषा का समर्थन नहीं करता।
बुर्के पर बैन की मांग पर जावेद अख्तर ने कहा कि देश में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार राजस्थान में 6 मई को होने वाले लोकसभा सीटों के लिए मतदान से पहले घूंघट प्रथा पर प्रतिबंध लगाए।
शिवसेना द्वारा देश में बुर्के पर प्रतिबंध की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर जावेद अख्तर ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘भैया, बुर्के पर मेरा नॉलेज बहुत कम है। इसकी वजह है कि जिस घर में मैं रहता हूं वहां कामकाजी महिलाएं थीं। मैंने तो कभी अपने घर में बुर्का देखा नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘इराक बड़ा कट्टर मुस्लिम देश है। लेकिन वहां पर औरतें चेहरे को कवर नहीं करती हैं। श्रीलंका में भी जो कानून आया है उसमें यह है कि आप चेहरा कवर नहीं कर सकते। बुर्का पहनो, लेकिन चेहरा ढका हुआ नहीं होना चाहिए। ये उन्होंने कानून में डाला है।’
जावेद ने आगे कहा, ‘यहां (भारत) पर अगर (बुर्के पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए) कानून लाना चाहते हैं और अगर किसी की राय है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इससे पहले कि राजस्थान में आखिरी मतदान हो जाए, इस (केंद्र) सरकार को ऐलान करना पड़ेगा कि राजस्थान में कोई घूंघट नहीं लगा सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि घूंघट भी हट जाए और बुर्का भी हट जाए। मुझे तो खुशी होगी।’