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ढलती उम्र में दुल्हन ढूंढना पड़ा महंगा: शादी का सपना दिखाकर बुजुर्ग से 10.50 लाख की ठगी, लूटेरों ने ऐंठे पैसे

Sun, 07 Jun 2026 09:10 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में 64 वर्षीय बुजुर्ग को जीवनसाथी का झांसा देकर साइबर ठगों ने 10.50 लाख रुपये ठग लिए। मैरिज ब्यूरो के जरिए संपर्क कर महिला ने मदद के नाम पर रकम ऐंठी, फिर अपनी मौत का झूठा नाटक रचकर गायब हो गई।

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साइबर अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ढलती उम्र के अकेलेपन को दूर करने और जीवन के अंतिम पड़ाव पर एक सच्चे जीवनसाथी की तलाश एक 64 वर्षीय बुजुर्ग के लिए भारी पड़ गई। राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में साइबर ठगों ने भावनात्मक जाल बिछाकर बुजुर्ग से 10.50 लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं, ठगी का पर्दाफाश होने से पहले आरोपियों ने महिला की मौत का झूठा नाटक रचकर संपर्क तोड़ दिया।

साथी की तलाश में फंस गए ठगी के जाल में

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दानिश कुंज निवासी संजय गुलाटी (64), जो भोज विश्वविद्यालय में वरिष्ठ सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं, जीवनसाथी की तलाश में थे। 29 मार्च को उन्होंने एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में प्रकाशित मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में इंदौर निवासी 60 वर्षीय विधवा कविता शर्मा के लिए वर की तलाश बताई गई थी। कविता को महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवानिवृत्त सुपरवाइजर बताया गया था। संजय ने 150 रुपये देकर पंजीयन कराया। इसके बाद मैरिज ब्यूरो ने कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से दोनों की बातचीत कराई। बातचीत के दौरान कविता ने अपने पति की कैंसर से मौत, माता-पिता के निधन और पारिवारिक अकेलेपन की कहानी सुनाकर संजय का विश्वास जीत लिया।

एक्सीडेंट और इलाज के नाम पर मांगे पैसे
दोनों ने 4 अप्रैल को इंदौर में मिलने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन उससे पहले 2 अप्रैल को कविता ने संदेश भेजकर बताया कि उसकी बहन और बहनोई सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए हैं, जिसमें बहनोई की मौत हो गई है। उसने इलाज और अन्य जरूरतों के लिए 50 हजार रुपये मांगे। संजय ने मदद के लिए रकम भेज दी। इसके बाद अस्पताल, दवाइयों, अंतिम संस्कार और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार पैसे मांगे जाते रहे। शादी के वादे और भावनात्मक विश्वास के चलते संजय किश्तों में कुल 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर बैठे।
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ननद बनकर किया मौत का दावा
जब संजय ने मुलाकात के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो कविता ने दूरी बनानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद एक महिला ने फोन कर खुद को कविता की ननद बताया और कहा कि कविता की मृत्यु हो चुकी है। उसने संजय से दोबारा संपर्क न करने की बात कही। इसके बाद कविता और मैरिज ब्यूरो से जुड़े सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। खुद को ठगा हुआ महसूस करने पर संजय ने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की जांच करते हुए संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है।

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