शहडोल जिले की एक स्थानीय अदालत ने 28 वर्षीय एक युवक को 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने के मामले में दोषी करार देते हुए दोहरे मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
बुढ़ार के अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत ने बताया कि बुढ़ार के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर जी प्रजापति ने मंगलवार को आरोपी रामनाथ केवट को 11 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए दोहरे मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि रामनाथ को तब तक फांसी पर लटकाकर रखा जाए जब तक कि उसकी मौत न हो जाए।
रावत ने बताया कि छठी कक्षा की 11 वर्षीय छात्रा अचानक घर से लापता हो गई थी। बाद में पास में ही स्थित एक सुनसान घर में उसका शव भूसे के ढेर में दबा हुआ मिला। उन्होंने बताया कि पुलिस को जांच में पता चला कि रामनाथ को उक्त घर में जाते और बाहर निकलते देखा गया था।
रावत ने बताया कि अदालत ने रामनाथ को धारा 376 ए और 302 में अलग-अलग मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 200 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अलावा उसे पॉक्सो एक्ट के तहत सात साल के सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई गई है।
(इनपुट - भाषा)