कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह।
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खरगोन हिंसा में फेक वीडियो शेयर कर फंसे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अब भाजपा नेताओं के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं। भाजपा नेता भी आधे-अधूरे और फर्जी वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं और दिग्विजय सिंह इसी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। साथ ही एक वीडियो को लेकर तो उन्होंने मानहानि का केस करने की धमकी भी दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चार महीने पहले दिए भाषण का रियल और एडिटेड वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि भाजपा हमारे वक्तव्यों को एडिट कर बदनाम करती है। यह इसका ज्वलंत उदाहरण है। क्या यह जुर्म नहीं है? रियल वीडियो में दिग्विजय सिंह के वीर सावरकर की किताब का उल्लेख कर उसमें हिंदू और गाय बारे में लिखी बातें बता रहे है। एडिटेड वीडियो में वीर सावरकर और उनकी किताब का उल्लेख हटा दिया गया है। इससे ऐसा लगा कि यह बात दिग्विजय सिंह कह रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह कानूनी सलाह ले रहे हैं। जिन भाजपा नेताओं ने एडिटेड वीडियो प्रचारित किया उनके खिलाफ एफआईआर और मानहानि का दावा करेंगे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ इसी तरह आधे-अधूरे वीडियो चलाकर भाजपा नेता कांग्रेस के खिलाफ माहौल तैयार करते हैं। अपनी राजनीति चमकाने झूठ फैलाने का काम करते हैं। अब झूठ फैलाने वाले तमाम भाजपा नेता और समर्थकों के खिलाफ कांग्रेस पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी। बता दें मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव की घटना के बाद हिंसा भड़क गई थी। इसमें दिग्विजय सिंह ने बिहार का फोटो खरगोन का बता ट्वीट किया और बाद में डिलीट कर दिया था। इस फोटो में एक युवक भगवा झंडा धार्मिक स्थल पर लगा रहा था। दिग्विजय सिंह ने सरकार से सवाल भी किए थे। इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह समेत भाजपा नेताओं ने प्रदेश में दंगा कराने की साजिश बताया था। इस मामले में दिग्विजय सिंह पर प्रदेश के भोपाल समेत अलग-अलग शहरों में कूटरचित दस्तावेजों से धार्मिक भावनाएं भड़काना का केस दर्ज किया था। अब दिग्विजय सिंह भी भाजपा नेताओं को उनके द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर एडिटेड वीडियो से घेरने की तैयारी कर रहे हैं।