मध्यप्रदेश कांग्रेस ईकाई के अध्यक्ष पद को लेकर रार जारी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ जहां अपने किसी करीबी को इस पद पर बैठाना चाहते हैं वहीं ज्योदिरादितिय सिंधिया के समर्थन उन्हें इस पद पर आसीन करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि किसी युवा के हाथों में प्रदेश की कमान दी जानी चाहिए। उन्होंने खुद को अध्यक्ष पद की दौड़ से भी अलग कर लिया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष 25-26 साल के किसी युवा को बनाया जाना चाहिए। ग्वालियर में मीडिया से बातचीत करते हुए उनसे जब पूछा गया कि प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष कैसा होना चाहिए तो उन्होंने कहा कि आपने हांगकांग के बारे में तो सुना ही होगा, वहां 22 और 26 साल के लड़के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। अब आप बताओ किसे होना चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि जिस दिन सोनियाजी तय कर लेंगी उस दिन नया अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। अभी यह पद खाली नहीं है। कमलनाथ इसके अध्यक्ष हैं। उनके साथ मौजूद सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह से जब नए अध्यक्ष को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरे कहने से क्या कोई किसी को अध्यक्ष बनाएगा। कांग्रेस में लोकतंत्र जिंदा है और हर शख्स को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। कांग्रेस में कोई गुलाम नहीं है।
सक्रिय हैं सिंधिया समर्थक
ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने के लिए उनके समर्थन शनिवार को दिनभर सक्रिय रहे। ग्वालियर कांग्रेस समिति ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसे लेकर एक प्रस्ताव पारित करके भेजा है। सरकार में मंत्री इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी कहा कि सिंधिया की गिनती प्रदेश के बड़े नेताओं में होती है। अध्यक्ष बनने या न बनने का निर्णय उन्हें या पार्टी हाईकमान को लेना है।
दिल्ली में भी दिनभर चर्चाओं का दौर जारी रहा। अध्यक्ष पद को लेकर बड़े नेताओं के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकसी के बीच केंद्रीय नेतृत्व एक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में कई नामों पर चर्चा चल रही है जिससे कि सभी को सर्वसम्मति से किसी एक नाम पर राजी किया जाए। इसके लिए जातिगत समीकरणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसी दौरान दो बार के पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का नाम भी चर्चा में आया है।