स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके भूखंडों का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया सर्वर की सुस्त रफ्तार के कारण धीमी पड़ गई है। जिले में काम शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अब तक केवल 1128 भूखंडों की रजिस्ट्री हो सकी है। वहीं 1440 प्रकरण ऑनलाइन सबमिट किए गए हैं। प्रदेशभर में एक साथ प्रक्रिया शुरू होने से पोर्टल पर बढ़े दबाव का असर कामकाज पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कुछ मिनटों में पूरी होने वाली प्रक्रिया में एक से डेढ़ घंटे तक लग रहे हैं। इससे पटवारियों के साथ ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दरअसल स्वामित्व योजना के तहत भूखंडों की निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होना थी लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते पटवारियों ने काम शुरू नहीं किया था। बाद में नए आदेश जारी होने के बाद प्रक्रिया शुरू हुई। अब सर्वर की धीमी गति के कारण रजिस्ट्रियों का काम अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई बार पोर्टल पर काम करने के दौरान आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे पटवारियों का समय अधिक लग रहा है और ग्रामीणों को भी बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति बन रही है। प्रक्रिया शुरू होने के बाद 1440 प्रकरणों में रजिस्ट्री का काम आगे बढ़ाया गया है। इनमें से 1189 प्रकरणों में पटवारी सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। भूमि संबंधी अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सत्यापन जरूरी है। प्रशासन ने आगामी दिनों में करीब 5 हजार प्रकरणों को पंजीयन में बदलने का लक्ष्य रखा है लेकिन शुरुआती सप्ताह में हुई प्रगति को देखते हुए रफ्तार बढ़ाना चुनौती बना हुआ है।
मनावर में सबसे ज्यादा 24 हजार भूखंड
जिले के 1058 गांवों में कुल 1 लाख 34 हजार 495 भूखंडों का निःशुल्क पंजीयन किया जाना है। इनमें सबसे अधिक 24 हजार 120 भूखंड मनावर क्षेत्र में हैं। इसके अलावा धार में 22 हजार 336, सरदारपुर में 21 हजार 807, बदनावर में 21 हजार 602, कुक्षी में 16 हजार 959, पीथमपुर में 11 हजार 954 और धरमपुरी में 10 हजार 130 भूखंड शामिल हैं। गंधवानी में 2973 और डही में 2614 भूखंडों का पंजीयन होना है। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके भूखंडों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मिलेंगे। इससे संपत्ति के अधिकार स्पष्ट होने और भूखंडों से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि लक्ष्य के अनुरूप काम पूरा करने के लिए पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का दूर होना जरूरी है।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बताया कि योजना के तहत पूरे प्रदेश में काम चल रहा है। राज्य स्तर पर बनाए गए समूह में विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे फीडबैक पर चर्चा की जा रही है। तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने के प्रयास जारी हैं।
तहसीलवार पंजीयन की स्थिति
| तहसील |
कुल भूखंड |
रजिस्ट्री पूर्ण |
| कुक्षी |
16,959 |
169 |
| गंधवानी |
2,973 |
137 |
| डही |
2,614 |
67 |
| धरमपुरी |
10,130 |
63 |
| धार |
22,336 |
109 |
| पीथमपुर |
11,954 |
156 |
| बदनावर |
21,602 |
132 |
| मनावर |
24,120 |
128 |
| सरदारपुर |
21,807 |
167 |
| कुल |
1,34,495 |
1,128 |