सभा को संबोधित करते विवेक तन्खा
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मध्यप्रदेश कांग्रेस की ओर से निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा सोमवार को गंधवानी विधानसभा पहुंची, जहां भारी जन सैलाब के बीच जन आक्रोश यात्रा प्रभारी कांतिलाल भूरिया, गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार सहित राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान फिर से आदिवासी मुख्यमंत्री की चर्चाएं सुर्खियों में आ गई। ऐसे में उमंग सिंघार ने अपने चिर परिचित अंदाज में आदिवासियों के हितों की बात करते हुए उनकी आर्थिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने की बात कही। साथ ही बोले कि मुझे कहा गया था कि 50 करोड़ रुपए ले लो मैंने आपसे नहीं पूछा पर मैंने जाना उचित नहीं समझा, क्योंकि आप मुझ पर विश्वास रखते हैं। गंधवानी की जनता, आदिवासी मुझ पर विश्वास रखता है, मैं कभी नहीं जाऊंगा आपके विश्वास को आखरी सांस तक बनाकर रखूंगा। मुझ पर केस इसलिए बनते हैं कि मैं सरकार के खिलाफ बोलता हूं। धीरे से नहीं बोलता आदिवासी के दहाड़ की आवाज आती है, शेर के जैसे बोलता हूं। मुझे किसी का डर नहीं है आप मेरे साथ हैं।
वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि आप खाली उमंग को नहीं जिताएंगे आप मध्य प्रदेश के भावी लीडर को शक्ति देंगे, आदिवासियों को आगे के समय में बड़ा स्थान मिलना चाहिए। अभी जरूर कमलनाथ जी आएंगे मगर कमलनाथ जी के बाद या तो पिछड़े वर्ग का या आदिवासी मुख्यमंत्री बने, छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी मुख्यमंत्री बने। क्योंकि यही हमारी मेजोरिटी है और मेजोरिटी का पालन करना प्रजातंत्र का धर्म होता है, अब पहले उमंग सिंघार द्वारा आदिवासी मुख्यमंत्री की बात कहे जाने के बाद अब राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा द्वारा भी आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने की तरफदारी करते हुए नजर आये, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू कर दी है।