मध्यप्रदेश में इस साल हुई जोरदार बारिश ने नई मुसीबतें पेश कर दी है। धार के कारम बांध में आए लीकेज के बाद अब खंडवा के एक बांध में पांच जगह से लीकेज हो रहा है। इससे सात गांवों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने सोमवार रात से ही बांध में आए लीकेज ठीक करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
मामला आबना नदी पर बने बांध का है। कलेक्टर, जल संसाधन और राजस्व विभाग के अधिकारी सोमवार रात को ही मौके पर पहुंच गए। बांध तक जाने के लिए आठ किमी के रास्ते में कीचड़ को देखते हुए ट्रैक्टर में बैठकर वह मौके पर पहुंचे। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मछली ठेकेदार ने अर्दला बांध में जालियां लगाई थी। इससे पानी रुक गया और वेस्ट वेयर की तरफ आगे नहीं बढ़ा। बांध ओवरफ्लो हो गया, जिससे पानी लीक होने लगा। जालियां हटाने के बाद वेस्ट वेयर से पानी निकला। मंगलवार सुबह तक पांच में से चार लीकेज बंद कर दिए गए थे। पांचवें लीकेज से भी पानी का बहाव कम हुआ है। जल्द से जल्द बांध की मरम्मत की जा रही है।
जेसीबी की मदद से बनाई मिट्टी की बोरियां
अधिकारियों के मुताबिक दूसरी जगह पर जेसीबी से मिट्टी खोदी गई। उन्हें बोरियों में भरकर लीकेज बंद करने की कोशिश की गई है। पंधाना के एसडीएम कुमार शानू के मुताबिक राजस्व विभाग का पूरा अमला रातभर गांव अर्दला में डटा रहा। मौके से ही बांध के हालात की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को देते रहे। फिलहाल खतरा टल गया है। ओवरफ्लो के कारण बने लीकेज बंद हो गए हैं। सोमवार रात को कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बांध का निरीक्षण किया।
बारिश की वजह से बढ़ सकती है मुसीबत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटे में तेज बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए लग रहा है कि खंडवा के आसपास भी बारिश हो सकती है। अगर बारिश तेज हुई तो परेशानी बढ़ सकती है। बांध के निचले हिस्से में सात गांव बसे हैं। अगर हालात बिगड़े तो गांवों को खाली करना पड़ेगा। डापक्या, बुलियाखेड़ी, बरखेड़ी, खाखा, गोबरिया, रोशनहार और सोनगिर गांवों में रहवासियों को सतर्क रहने को कहा गया है।