युवक की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद
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औद्योगिक नगरी पीथमपुर में एक ढाबे पर हुई हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने एक युवक पर फाइबर ट्रे से हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे एजीपी शरद कुमार पुरोहित और जीपी कैलाश यादव ने बताया कि घटना 12 जून 2021 की है। मृतक प्रवीण अपने तीन-चार साथियों के साथ पीथमपुर-राऊ रोड स्थित अमृतश्री ढाबा में भोजन करने गया था। वह अपने साथ शराब की बोतल भी लेकर आया था। ढाबे के संचालक मामा उर्फ सतीश ने प्रवीण को बाहर से लाई गई शराब पीने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। ढाबे के कर्मचारी जीतू उर्फ जितेंद्र, जगदीश, वसीम और मामा उर्फ सतीश ने प्रवीण के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
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विवाद बढ़ने पर जीतू उर्फ जितेंद्र ने होटल की फाइबर ट्रे उठाकर प्रवीण के सिर और गर्दन पर हमला कर दिया। ट्रे टूट जाने के बाद भी उसी से उसके सिर, गर्दन और कान के पास गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। हमले में प्रवीण गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद प्रवीण के साथी विपिन और भूपेंद्र उसे उपचार के लिए पहले महू के मेवाड़ अस्पताल ले गए, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल रैफर कर दिया गया। इलाज के दौरान प्रवीण की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में जीतू उर्फ जितेंद्र, जगदीश, वसीम और मामा उर्फ सतीश के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान, 38 दस्तावेज और 8 भौतिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से बरामद फाइबर ट्रे और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपों को सिद्ध माना। अदालत ने जीतू उर्फ जितेंद्र (निवासी इंदौर), जगदीश (निवासी राधौगढ़, जिला गुना) और वसीम को प्रवीण की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं आरोपी मामा उर्फ सतीश की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी। फैसले के बाद न्यायालय ने दोषी आरोपियों के खिलाफ सजा वारंट जारी कर उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।