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धार में खूनी खेल: जमीन के टुकड़े के लिए सरेआम बरसे लाठी-डंडे, पुलिस ने तीन बंधकों को छुड़ाया, पांच गिरफ्तार

Fri, 19 Jun 2026 05:31 PM IST
धार ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार जिले के ग्राम कोद में जमीन और पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। खेत में दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और एक-दूसरे के लोगों को जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाने का मामला सामने आया।
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जमीन विवाद में बवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार जिले के ग्राम कोद में जमीन और पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। खेत में सरेआम लाठी-डंडों से मारपीट, लोगों को जबरन वाहनों में बैठाकर ले जाने और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानवन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के तीन बंधकों को सकुशल मुक्त कराया है और पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर है।

पहले पक्ष ने लगाए मारपीट और अपहरण के आरोप

पुलिस के अनुसार, इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराया है। पहले पक्ष के चैनसिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अनिल पाटीदार, शम्भु पाटीदार, कैलाश पाटीदार, राजेश, राधेश्याम पाटीदार, जगदीश वसुनिया और एक अन्य व्यक्ति ने जमीन के लेन-देन के रुपए नहीं देने की बात को लेकर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन बोलेरो वाहन में बैठाया और बंधक बनाकर अपने साथ ले गए।

दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई शिकायत

वहीं दूसरे पक्ष के अनिल पाटीदार ने आरोप लगाया कि जीवन डाबी, महेंद्रसिंह, घनश्याम, राहुल, ईश्वर, दशरथ, प्रद्युम्न चारण, चैनसिंह, चंचलाबाई और कांताबाई सहित अन्य लोगों ने उनके रिश्तेदार राधेश्याम पाटीदार और जगदीश वसुनिया के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उनके रिश्तेदारों को जबरन अल्टो कार में बैठाकर ले जाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस हुई एक्टिव

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल वेलापुरकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के निर्देशन में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

तीनों बंधकों को सकुशल कराया गया मुक्त

पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और दोनों पक्षों द्वारा बंधक बनाए गए तीन लोगों को सुरक्षित मुक्त करा लिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चैनसिंह चौहान, राधेश्याम पाटीदार और जगदीश वसुनिया को आरोपियों के कब्जे से छुड़ाया।

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पांच आरोपी पुलिस हिरासत में

थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया ने बताया कि त्वरित कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों से जुड़े अनिल पाटीदार, जगदीश वसुनिया, राधेश्याम पाटीदार, दशरथ और घनश्याम को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए आरोपियों में दशरथ के खिलाफ पहले से भी एक आपराधिक मामला दर्ज है।

जांच में जुटी पुलिस, शांति व्यवस्था पर विशेष नजर

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय

इस संवेदनशील मामले को तेजी से सुलझाने में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया, उप निरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक अजय वर्मा, प्रधान आरक्षक रामेन्द्र सिंह चौहान तथा आरक्षक नवीन राठौड़, भगवती चौहान और संजय शिवहरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उपद्रवियों को नहीं बख्शा जाएगा

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

 

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