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धार: जंगली बिल्ली के बच्चे समझ जिन्हें जंगल में छोड़ा, वह कहीं तेंदुए के शावक तो नहीं? इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारी पता लगाएंगे

Sat, 11 Dec 2021 02:25 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार जिले के गांव बाजरीखेड़ा में मिले दो शावकों को फॉरेस्ट विभाग को सौंप दिया गया है।  इंदौर के चिड़ियाघर में भेजकर ये पता लगाया जाएगा कि ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं या तेंदुए के।
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बिल्ली के बच्चे हैं या तेंदुए के, पता लगाने के लिए भेजेंगे इंदौर के चिड़ियाघर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार जिले की कुक्षी तहसील के गांव बाजरीखेड़ा में बीते दिनों मिले दो शावकों को फॉरेस्ट विभाग को सौंप दिया गया है। ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं या तेंदुए के, इसका पता लगाने के लिए अब इन्हें इंदौर के चिड़ियाघर में भेजा जाएगा।
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जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले बाजरीखेड़ा के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी थी कि तेंदुए की तरह दिखने वाले दो शावक गन्ने के खेत में देखे गए हैं, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा था। ग्रामीणों और निसरपुर चौकी पुलिस की मदद से शनिवार को इन बच्चो को फॉरेस्ट विभाग के सुपर्द किया गया।

बिल्ली के बच्चे समझ जंगल में छोड़ दिया था
4 दिन पहले जब वीडियो और फोन के माध्यम से फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी से बात हुई तो उनका कहना था कि जंगली बिल्ली के बच्चे हैं, जिसके बाद ग्रामीणों ने इन्हें जंगल में छोड़ दिया था। लेकिन दोनों बच्चों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को शंका हुई कि ये तेंदुए के शावक हो सकते हैं। इससे उनमें डर का माहौल पनपने लगा। जिसके बाद इन्हें पुलिस चौकी की निगरानी में रखा गया था। शनिवार को इन्हें फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी जीएस सोलंकी वनपाल के सुपर्द कर दिया गया। जीएस सोलंकी ने बताया कि ये बिल्ली के जंगली बच्चे हैं या तेंदुए के, इसका पता लगाने के लिए इन्हें जू इंदौर भेजा जाएगा।
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