औद्योगिक नगरी पीथमपुर में कंपनियों की मनमानी और वेतन विसंगतियों को लेकर श्रमिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को तीसरे दिन भी विरोध जारी रहा और एक अन्य कंपनी के बाहर कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए।
पिछले दो दिनों से मदरसन सुमी वायरिंग एंड हार्नेस कंपनी के कर्मचारी धरना दे रहे थे, वहीं अब सेक्टर-2 स्थित बायो स्पंज कंपनी के श्रमिक भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। मजदूर न्यूनतम वेतन, पर्याप्त मैन पावर और परिवहन सुविधा सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी उन्हें शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतन नहीं दे रही है। साथ ही कर्मचारियों की कमी के कारण काम का अत्यधिक दबाव भी झेलना पड़ रहा है। परिवहन सुविधा के नाम पर वेतन से अधिक राशि काटे जाने का भी आरोप लगाया गया है।
ये भी पढ़ें: Chhatarpur: जल, जमीन और जीवन की लड़ाई तेज, केन नदी में ‘जल सत्याग्रह’ पर कब बनेगी बात? गांवों में ‘चूल्हा बंद
पैदल पहुंचे लेबर ऑफिस
सभी श्रमिक अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए और कंपनी परिसर से करीब 2 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए विकास भवन स्थित श्रम कार्यालय पहुंचे। हड़ताल और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया।
नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर और थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और श्रम विभाग की मौजूदगी में श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है। प्रशासन ने मामले को जल्द सुलझाने की बात कही है।
प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज
मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया के अधिकारी आशीष कुमार सोनी की शिकायत पर जिशान खान, राजेंद्र अहिरवार, शिवम शुक्ला, शिवकरण कारोले, रोहित अनजने, सुनील जाटव, करण किराड़े, सोनू दवाने, पूजा चौधरी, अजय रनसौरे, अजय कड़वे, ललिता यादव, रोहित सिंह पटेल, राज डावर, अजय सिंह, रोशनी मुजाल्दा, ब्रजेश जादव, प्रदीप पटेल, महेश मालवी, रक्षा बसोर, प्रकाश बिसेन, जितेंद्र, नितिन मकवाने, अजय अजना सहित करीब 50 लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। कंपनी अधिकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री में जा रहे अन्य कर्मचारियों को रोका, जिससे काम प्रभावित हुआ।
वहीं हार्नेस कंपनी के मनोज कुमार की शिकायत पर देवेंद्र, सेविका, मुकेश, निर्जला, रामदुलारी, आकाश मालवीय, विजय, मोनिका, रुपेश, रितिक, वंदना, क्षमा, राहुल सहित अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री के बाहर धरना देकर हाईवे जाम किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।