धार में बैलगाड़ी पर सवार होकर बरात निकाली।
- फोटो : अमर उजाला
धार जिले में आदिवासी परंपरा निभाने के मामला आया है। एक युवक अपनी प्रेमिका से विवाह करने पांच बैलगाड़ियों से बरात लेकर पहुंचा। दूल्हे की बैलगाड़ी को विशेष रूप से सजाया गया था।
जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम पडियाल में अपनी आदिवासी समाज की संस्कृति एवं सभयता के साथ लोगों को संदेश देते हुए एक युवक ने शुक्रवार को बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी बारात निकाली। ये पहल एमए की पढ़ाई पूरी कर चुके दूल्हे गजेंद्रसिंह अलावा ने की। कुछ साल पहले गांव के ही समीप फालिये में रहने वाली युवती अलका अलावा से पढ़ाई के दौरान बातचीत हुई। अलका की पिता की मौत के बाद दोनों ने मिलकर परिजनों को रिश्ते की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की आपसी सहमति से शादी 11 फरवरी को तय हुई। दोनों के बीच में करीब 7 साल से प्यार है।
पांच बैलगाड़ियां सजाई
बरात में पांच बैलगाड़ियों को शामिल किया गया था।
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के लोकेश अलावा ने बताया कि दूल्हे की बैलगाड़ी को विशेष रूप से सजाया गया था। इसके साथ ही अन्य चार बैलगाड़ियों पर परिजन शादी समारोह का सामान लेकर बैठे हुए थे। साथ ही सबसे आगे आदिवासी गीत डीजे पर चल रहे थे, इस दौरान परिवार के लोग डोल पर जमकर थिरके भी। दूल्हे गजेंद्र ने बताया कि पढ़ाई के दौरान प्यार होने के बाद कॉलेज किया, जिसके बाद परिजनों को प्रेमिका के बारे में बताया। तथा दादा परदादा की परंपरा को निभाते हुए शेरवानी के बजाय चांदी के आभूषण पहनकर धोती, कमीज व साफा पहनकर बरात लेकर पहुंचा। इस शादी के माध्यम से आजकल के युवाओं को प्रेरणा देते हुए संस्कृति को पुन जीवित करने का प्रयास किया है।
पिता टीचर व बहन इंस्पेक्टर
दूल्हे के पिता रमेशंद्र अलावा ग्राम कोणंदा में टीचर के पद पर पदस्थ हैं, तथा काका की बेटी यानी दूल्हे की बहन उपसाना अलावा महू में मंडी इंस्पेक्टर है। इसी तरह परिवार में गजेंद्र की बहन मधु की पूर्व में शादी हो चुकी है, तथा एक भाई भूपेंद्र अभी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है। दूल्हा गजेंद्र पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़वानी में कोचिंग क्लासेस चला रहा है, तथा दूल्हन अलका बीएडी भी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी शासकीय नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रही है।