मध्यप्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश के पुलिस मुख्यालय में कार्यरत 29 अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर डीजीपी विवेक जौहरी ने एक दिन पहले अल्टीमेटम दिया। इसका अधिकारियों पर कोई फर्क पड़ता नहीं दिखाई दिया क्योंकि 70 प्रतिशत अधिकारी लेट आए। ज्यादातर पहले की ही तरह आधे घंटे के लंच से दो घंटे बाद दफ्तर लौटे।
हालांकि उन अधिकारियों पर फर्क दिखाई दिया जो अक्सर दफ्तर से गायब रहते थे। सोमवार को ऐसे तीन में से दो अधिकारी दफ्तर में दिखाई दिए। लंच के बाद दफ्तर न आने वाले 30 प्रतिशत अधिकारियों में सुधार नजर आया। डीजीपी विवेक जौहरी ने शनिवार को एक नोटशीट जारी कर इन अधिकारियों को सुधार हेतु चेतावनी दी थी।
डीजीपी ने अधिकारियों को तीन श्रेणियों में बांटा था। इसमें पहले श्रेणी में ऐसे अधिकारी हैं तो आमतौर पर दफ्तर नहीं आते हैं। दूसरी श्रेणी में मुख्यालय में 12 ऐसे अधिकारी हैं जो दोपहर बाद दफ्तर नहीं आते हैं। वहीं तीसरी श्रेणी में 14 ऐसे अधिकारी हैं जो लंच के समय घर जाते हैं तो लगभग दो घंटे से ज्यादा समय बाद दफ्तर वापस आते हैं।
डीजीपी का सर्कुलर
हालांकि उन्होंने किसी का भी नाम जाहिर नहीं किया था। शायद इसी वजह से ज्यादातर ने इसे खास तवज्जो नहीं दी। इनमें सबसे ज्यादा संख्या उन अधिकारियों की थी जिनका लंच आधे घंटे की बजाय दो-ढाई घंटे का होता है। सोमवार को भी ऐसे 70 प्रतिशत अधिकारी पहले की तरह देर से आए। लंच के काफी देर बाद तक उनके केबिन खाली पड़े रहे।
सूत्रों के अनुसार सोमवार को दफ्तर से नदारद रहने वाले दो अधिकारी नजर आए। लंच तक दफ्तर में दिखाई देने वाले अफसरों में से आधा दर्जन बाद में भी नजर आए। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने डीजीपी की नोटशीट को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वे सीधे संबंधित अधिकारियों से बात कर सकते थे।