आदिवासी जिलों सहित शहर से लगे क्षेत्र के सरकारी स्कल के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए कवायद की जा रही है। देवास, धार, इंदौर और आसपास के इलाकों के सात स्कूलों को कुल फ्री कम्प्यूटर प्रदान किए गए हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी आधुनिक दुनिया की रफ्तार के साथ कदम मिला सकें। आज के समय में जब हर क्षेत्र में तकनीक का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, ऐसे में कम्प्यूटर शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हो गई है। सामाजिक संस्था आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर का यह प्रयास उन बच्चों तक तकनीकी साधन पहुंचाने की एक कोशिश है, जो अब तक इस सुविधा से वंचित थे।
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इस दौरान धार जिले के चार स्कूलों- शासकीय एकी माध्यमिक विद्यालय एकलदुना को 2, एकीकृत शासकीय हाई स्कूल कुंजरोद को 2, एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय सल्यामलपुरा को 1 और शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुंजरोद को 1, इंदौर के दो स्कूलों- श्री राजाराम स्वतंत्रता सेनानी हायर सेकेंडरी स्कूल को 4 और शासकीय माध्यमिक विद्यालय निरंजनपुर को 3 तथा देवास जिले के पांडूतालाब स्थित पब्लिक स्कूल को 2 कम्प्यूटर प्रदान किए गए।
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कार्यक्रम अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस पहल के माध्यम से ई-वेस्ट को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट को नियंत्रित करने के लिए, अनुपयोगी कम्प्यूटर को पुनः उपयोग में लाना अच्छा तरीका है। सचिव एस. बी. खंडेलवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य उन बच्चों तक शिक्षा के नए साधन पहुंचाना है जो अभी भी तकनीकी सुविधाओं से दूर हैं। इन कम्प्यूटर के माध्यम से हम चाहते हैं कि बच्चे नई तकनीक को समझें, सीखें और भविष्य में आत्मनिर्भर बनें। जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और संसाधन पहुंचते हैं, तभी असली विकास होता है। समारोह में सातों स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे।