नाम वापसी के बाद रोते हुए बाहर निकली महिला प्रत्याशी
- फोटो : सोशल मीडिया
नगर निगम चुनाव में इस बार बहुत कुछ देखने को मिल रहा है। पार्टियों से बगावत करने वालों की संख्या भी ज्यादा रही तो नाराजगी भी झलकी। भाजपा में ये समस्या ज्यादा रही और यही वजह रही कि हर वार्ड से निर्दलीय मैदान में कूदे। इनको मनाने के लिए भाजपा ने हर तरह के हथकंडे अपनाए। किसी को समझाया तो किसी को डराया। डर की ऐसी ही तस्वीर नाम वापसी के दिन सामने आई जब एक महिला प्रत्याशी नाम वापसी के बाद रोते हुए बाहर निकलीं और बेसुध होकर सड़क पर गिर गईं। उसने धमकाने के आरोप लगाए, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
दरअसल बुधवार को नाम वापसी की आखिरी तारीख थी। भाजपा-कांग्रेस नेता अपने बागियों को मनाने में जुटे थे और अंतिम समय तक कुछ को छोड़कर अधिकांश ने नाम वापस भी ले लिए। इसी दौरान एक घटनाक्रम हुआ और निर्दलीय प्रत्याशी रोते हुए कलेक्ट्रेट से बाहर आई। नामांकन वापस लेने के बाद जमकर रोने लगी। रोते-रोते वह अचानक परिसर में बेसुध होकर सड़क पर गिर पड़ी। परिचित ने किसी के धमकाने पर नामांकन वापस लेने की बात कही। महिला प्रत्याशी का नाम दीपिका पति जगदीश शर्मा है जो वार्ड 19 के पार्षद पद के लिए दावेदारी कर रही थी। इसी वार्ड से निर्दलीय फॉर्म भरा था। बुधवार को वह नाम वापसी के आखिरी दिन कलेक्ट्रेट पहुंची थीं और उसके चेहरे पर डर दिख रहा था। नाम वापसी के बाद वह बाहर आई और पति व परिवार से लिपटकर रोने लगी। कुछ दूर पैदल जाने के बाद नीचे गिर पड़ी। महिला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसमें कहा गया कि नाम वापसी के लिए डराया धमकाया गया। इससे महिला बुरी तरह डर गई थी। हालांकि किसने धमकी दी थी यह पता नहीं चल सका।
भाजपा ने अपनाए हर तरह के हथकंडे
भाजपा ने इस बार निर्दलीयों के फॉर्म वापस खिंचवाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। जो समझाने से मान गए उनको तो समझा दिया मगर जो अड़िग थे उनको डराया भी गया। सूत्रों के मुताबिक कुछ दावेदार ऐसे भी थे जो किसी न किसी शासकीय सेवा से जुड़े हुए थे। उनको जांच का डर दिखाया। कहा कि अगर फॉर्म वापस नहीं लिया तो जांच बैठा देंगे। कुछ को अन्य तरीके से डराया। किसी से कहा कि पार्टी से निकाल देंगे तो किसी से कहा कि पार्टी का साथ छूटा तो कुछ नहीं बचेगा। इसके बाद अधिकांश निर्दलीय प्रत्याशियों ने फॉर्म वापस ले लिए।