जिले के सतवास के पास स्थित धर्मेश्वर मंदिर के संत काशी मुनि उदासीन की मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हालांकि यह पता नहीं चल सका है कि हादसे के कारण ऐसा हुआ है या संत ने खुद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी है। उनके निधन से लोग स्तब्ध हैं।
संत के पास से मिला आधार कार्ड
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जानकारी के मुताबिक सोमवार रात को काशी मुनि उदासीन हरदा के अस्पताल में रुके थे। मंगलवार सुबह किसी के साथ बाइक पर जाने से पहले 40-45 मिनट में आने का कहकर निकले। उसके बाद लगातार उनका फोन बंद आने लगा। इसी बीच खबर मिली कि हरदा के समीप पीलियाखाल के पास वे ट्रेन की चपेट में आ गए। पाटलीपुत्र ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस मामले में अब तक रहस्य बना हुआ है क्योंकि यह बात भी सामने आई है कि वे खुद ट्रेन के सामने कूद गए जबकि कुछ लोग इसे हादसा बता रहे हैं। बताया गया कि संत काशी मुनि उदासीन न्यायाधीश थे। वे बनारस से जज की नौकरी छोड़कर देवास आ गए थे। यहां आकर इस आश्रम की स्थापना की थी। उनके निधन से उनके स्नेहीजनों में शोक की लहर दौड़ गई।