संगठन की दुहाई देकर अनुशासन की बात करने वाली भाजपा में इन दिनों हर कोई पार्षद और महापौर का ख्वाब पाले बैठा है। सोते-जागते सबको नगर निगम नजर आ रहा है। वार्डों में दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है तो महापौर की कुर्सी की चाहत रखने वाले भाजपाइयों को भी नींद नहीं आ रही। हैरानी इस बात की है कि संगठन में अलग-अलग पदों का दायित्व संभालने वाले तक टिकट मांग रहे हैं, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि सब टिकट मांगेंगे तो काम करेगा कौन...।
दरअसल, भाजपा में इन दिनों विचित्र स्थिति बनी हुई है। भाजपा संगठन से लेकर भाजयुमो, महिला मोर्चा समेत अन्य मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारी टिकट मांग रहे हैं। किसी को पार्षद बनने की ख्वाहिश है तो कोई महापौर के सपने देख रहा है। संगठन की गाइडलाइन से हटकर खुद की दावेदारी यह कहकर पुख्ता कर रहे हैं कि पार्टी में सबको टिकट मांगने का अधिकार है, लेकिन पार्टी के अंदर से ही आवाज भी उठ रही है कि अगर सभी पदाधिकारी टिकट मांगने लग जाएंगे तो पार्टी का काम कौन करेगा। क्योंकि भाजपा कार्यालय पर आवेदन देने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर खुद को पार्षद और महापौर का योग्य उम्मीदवार बताना शुरू कर दिया है। जिनको पार्टी में आए कुछ ही दिन हुए हैं वे भी खुद के प्रचार में पीछे नहीं है। कोई शैक्षणिक योग्यता की बात कर रहा है तो कोई विजन के सपने दिखा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसके लिए कोई गाइडलाइन बनाएगा।
जिलाध्यक्ष से लेकर निचले स्तर तक सबको चाहिए टिकट
भाजपा की बात करें तो यहां भीड़ बढ़ती जा रही है। यहां जिलाध्यक्ष से लेकर जिला महामंत्री महापौर का टिकट मांग रहे हैं तो महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष राखी झालानी भी महापौर के सपने देख रहीं हैं। इसके अलावा कुछ मंडल अध्यक्ष भी पार्षदी का ख्वाब पालकर बैठे हैं। इतना ही नहीं भाजपा संगठन से जुड़े हुए कई पदाधिकारी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें भाजपा, भाजयुमो, महिला मोर्चा से लेकर मोर्चा-प्रकोष्ठ तक के पदाधिकारी शामिल हैं। इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि अगर सभी पदाधिकारी टिकट मांगेंगे तो पार्टी का काम कौन करेगा। पार्टी नेताओं में इस बात की चर्चा भी हो रही है। कहा यह भी जा रहा है कि पहली बार यह हुआ है जब संगठन के पदाधिकारी इतनी बड़ी संख्या में टिकट मांग रहे हैं।
सभी का अधिकार है टिकट मांगना
इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल का कहना है कि टिकट मांगना सभी का अधिकार है लेकिन पार्टी ऐसे व्यक्ति को टिकट देगी जो जिताऊ हो। बाकी सबको संतुष्ट करके काम पर लगाएंगे। अगले डेढ़ माह तक पार्टी का चुनावी अभियान है। चाहे पंचायत चुनाव हो या नगर निगम के चुनाव, किसी ने किसी रूप में लगाएंगे। चाहे वह पार्टी का पदाधिकारी हो या कार्यकर्ता उसे अनिवार्य रूप से काम करना पड़ेगा। टिकट कोई भी मांग सकता है लेकिन एक बार जिसका टिकट हो जाएगा उसके लिए पूरी पार्टी काम करेगी।