क्या आप यकीन करेंगे कि सरकार बदलने से सड़क बनना रूक सकती है? मगर हां, यह सच है। मध्यप्रदेश के देवास जिले के हरणगांव के साथ ऐसा हुआ है।
भाजपा शासनकाल में इस गांव के सड़क निर्माण को स्वीकृत मिली थी, डीपीआर भी जमा हो गई, लेकिन कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने के बाद काम रूक गया। करीब 18 माह चली कमलनाथ सरकार की बिदाई के बाद चौथी बार शिवराज सरकार बनने पर भी इस सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका। अजीब बात यह भी है कि खुद को बच्चों का मामा कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शासन में 'भांजों' ने स्कूल जाने की बजाए सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम किया।
विद्यार्थियों ने चक्काजाम किया
बीते दिनों हरणगांव के हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने चक्काजाम कर दिया। उन्होंने रोड पर बैठकर नारेबाजी की। बच्चों के साथ उनके परिजन भी थे। वे घंटों नारेबाजी करते रहे, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने उनकी आवाज को अनसुना कर दिया। जब बात अफसरों तक पहुंची तो वे मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों व परिजनों से बात की। आखिर में आश्वासन दिया कि जल्दी ही सड़क बना दी जाएगी।
सिर्फ दो किमी का हिस्सा बनना है
हरणगांव में बहुत लंबी सड़क बनना है, ऐसा भी नहीं है। केवल एक से दो किमी लंबी सड़क बननी है, लेकिन न भाजपा ने सुध ली न ही कांग्रेस ने। गांव के मुख्य मार्ग से हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल का रास्ता पूरी तरह खराब है। यहां रोड ही नहीं है। करीब दो किमी लंबे रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि कीचड़ और गंदगी रहती है। इसी कीचड़ से जूझते हुए बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। पूर्व में बच्चे व ग्रामीण खातेगांव के तहसीलदार के पास इस समस्या को लेकर गए थे और ज्ञापन दिया था।
नवंबर के बाद शुरू करेंगे काम : विधायक शर्मा
खातेगांव के विधायक आशीष शर्मा का कहना है पिछले विधानसभा चुनाव के पहले रोड मंजूर करवाई थी। डीपीआर भी बनी और जमा हो गई। लोक निर्माण विभाग को काम करना था, लेकिन चुनाव आ गए और मप्र में कांग्रेस सरकार बनी। मैंने कांग्रेस नेताओं से बात की, तत्कालीन मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से मिला और कहा कि भैया, रोड बनवा दीजिए, लेकिन बात टाल दी। बाद में भाजपा की सरकार फिर से आई लेकिन कोरोना ने सब काम रोक दिए। करीब एक-डेढ़ किमी का हिस्सा बचा है। नवंबर के बाद काम शुरू करेंगे। उम्मीद है कि इसी साल सड़क बन जाएगी।