टीकमगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री सारंग
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मध्य प्रदेश में शहरों के नाम बदलने को लेकर राजनीति गरमाती जा रही है। विधायक रामेश्वर शर्मा के बाद अब चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने टीकमगढ़ में भोपाल का नाम फिर भोजपाल करने की मांग उठाई है। मंत्री सारंग ने कहा कि हम गुलामी के हर प्रतीक को बदलेंगे।
विश्वास सारंग टीकमगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री हैं। शुक्रवार को सारंग जिले में बूथ विस्तारक अभियान में भाग लेने पहुंचे। यहां मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल करने की मुहिम मैंने शुरू की थी। नाम बदलने को लेकर मैंने सरकार से अपील की थी। मैं फिर चाहूंगा कि भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल किया जाए। भोजपाल नाम करने के लिए मैं पत्र भी लिखने वाला हूं। सारंग ने कहा कि टीकमगढ़ जिले का शिवपुरी अब कुंडेश्वर धाम के नाम से जाना जाएगा। बाबा कुंडेश्वर की कृपा और उनकी अनुकंपा इस जिले समेत पूरे मध्य प्रदेश में है।
हम गुलामी के हर प्रतीक को बदलेंगे
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उन शहरों और गांवों के नाम जो हमें गुलामी की याद दिलाते हैं। वह मध्य प्रदेश में नहीं रहे, इसी संकल्प के साथ होशंगाबाद का नाम बदला गया। नर्मदा मैया पूरे प्रदेश की जीवनदायिनी हैं। नर्मदा किनारे बसे होशंगाबाद को अब नर्मदापुरम कहा जाएगा। कांग्रेस के नेता कहते हैं यह हमारा भगवा एजेंडा है। यदि वह इसे भगवा एजेंडा मानते हैं तो भी हमें कोई दिक्कत नहीं।
गुलामी की भावना समाप्त होगी
उन्होंने कहा कि बहुत प्रसन्नता की बात है कि बाबई को भी अब माखन नगर कहा जाएगा। यह देश भक्तों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की हमारी मुहिम है। मैं इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद व्यक्त करता हूं। नाम बदलने के बाद अब गुलामी की भावना जो मन में आती थी, वह अब समाप्त हो जाएगी।