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Damoh: धर्मांतरण मामले में कार्रवाई न होने पर दमोह कलेक्टर-SP को हटाने की मांग, बजरंगदल-विहिप ने किया प्रदर्शन

Fri, 25 Nov 2022 05:50 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया और पुतला जलाया। वे धर्मांतरण मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का विरोध कर रहे थे। 
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दमोह में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के दमोह में धर्मांतरण मामले में आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर विरोध बढ़ने लगा है। मामले में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं और कलेक्टर-एसपी को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 
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शुक्रवार को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया और पुतला जलाया। वे धर्मांतरण मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का विरोध कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने  जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दमोह कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग करते हुए सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। 

बजरंग दल जिला संयोजक शंभू विश्वकर्मा ने कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर की गई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इन आरोपियों को पुलिस व प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। यदि अब भी सुनवाई नहीं होती है तो उन्हें उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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बता दें कि धर्मांतरण के दो मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें एक मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के द्वारा मिड इंडिया क्रिश्चियन सर्विसेस के 10 लोगों के खिलाफ देहात थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। उसमें सदस्य के रूप में आधारशिला संस्थान के संचालक डॉ . अजय लाल का नाम भी शामिल था। हालांकि अगले दिन उन्होंने पुलिस के सामने सबूत प्रस्तुत कर बताया था कि संबंधित संस्था से वे काफी समय पहले अपना इस्तीफा दे चुके हैं और संस्था से उनका कोई संबंध नहीं है। इसलिए उनके खिलाफ की गई रिपोर्ट खारिज की जाए। इसी मामले में उन्होंने दमोह जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जो खारिज हो गई थी और आज उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। दूसरे मामले में दलित समाज की एक महिला ने अपने पति के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर 8 लोगों पर जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं चर्च पास्टर पर नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ की घटना भी हुई थी। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों पर एफआईआर कर दी है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अभी भी नहीं हो पाई इसी को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया।
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