अक्सर ये कहा जाता है कि जीते जी जो करना है कर लो क्योंकि मरने के बाद कुछ नहीं मिलना है, लेकिन मध्यप्रदेश के देवास में यह बात उल्टी साबित हो रही है। यहां एक व्यक्ति को रुपयों के लालच ने ऐसा अंधा बनाया कि उसे मरना पड़ा। है न अजीब बात लेकिन कहानी सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक करोड़ रुपए के बीमे के लिए जिंदा आदमी ने खुद को मृत घोषित कर दिया और इतना ही नहीं झूठे कागज भी तैयार करवा लिए।
दरअसल, मामला बीमे की राशि से जुड़ा है। एक करोड़ का बीमा क्लेम लेने के लिए एक व्यक्ति कागजों में मर गया। सोचा था कि रुपए मिलने के बाद आराम से जिंदगी गुजारेगा लेकिन बीमा कंपनी को शक हुआ और मामले का खुलासा किया गया। जानकारी के मुताबिक इटावा में रहने वाले अब्दुल हनीफ ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस देवास शाखा में एक करोड़ रुपए का बीमा करवाया था। इसकी कुछ किश्तें भी भरी। इसी बीच हनीफ ने सोचा कि क्यों न मरने के कागज बना लिए जाएं ताकि बीमे के रुपए मिल सकें। इस पर हनीफ ने खुद को मरा हुआ बताने की योजना बनाई। स्टेशन रोड निवासी डॉ. शाकिर मंसूरी से दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर करवाए और फिर हनीफ के बेटे इकबाल ने नगर निगम में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। प्रमाण पत्र बनने के लिए हनीफ की पत्नी रेहाना की ओर से एसबीआई लाइफ में बीमा क्लेम का प्रकरण लगाया गया। राशि अधिक होने और दो किश्तों के बाद ही मौत होने से कंपनी को शंका हुई तो उन्होंने कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत की। इसके बाद पुलिस को जो हकीकत पता चली उसने हैरान कर दिया।
बाजार में घूमते पकड़ाया
पुलिस शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर रही थी। संदेही हनीफ को लेकर जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी बीच रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि हनीफ बाजार में घूम रहा है तो उसे पकड़ा गया। पूछताछ में उसने डॉक्टर शाकिर का नाम बताया जिस पर उसे भी पकड़ा गया। दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया। हनीफ की पत्नी रेहाना व बेटा इकबाल फरार है। जांच अधिकारी एसआई पवन यादव ने बताया कि आरोपी हनीफ ड्रायवरी करता है। इतनी अधिक राशि का बीमा करवाने की उसकी हैसियत नहीं थी, इससे प्रथमदृष्टया लग रहा है कि राशि हड़पने के हिसाब से ही उसने बीमा करवाया था और फिर अपने मरने की साजिश रची। शिकायत मिलने पर जांच की थी और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।