मुरैना कोतवाली और जीआरपी पुलिस के सीमा विवाद के चलते एक ट्रक चालक का शव 18 घंटे तक ट्रक के पहिए के नीचे दबा रहा। बाद में स्थानीय विधायक ने शव को ट्रक के पहिए से निकाल कर पुलिस की कार्यशैली के विरोध में रोड जाम कर प्रदर्शन किया।
मामला बढ़ने पर एएसआई को लाइन हाजिर और जीआरपी के प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया। रविवार शाम रेलवे के माल गोदाम के पास झांसी निवासी ट्रक चालक निसार खां की ट्रक के पहिए के नीचे आकर मौत हो गई थी। कोतवाली पुलिस और जीआरपी ने दुर्घटना अपनी सीमा में न होने की बात कह पल्ला झाड़ लिया।
ट्रक चालक का शव मौके पर ही रात भर पड़ा रहा। सोमवार सुबह विधायक परशुराम मुदगल को इसकी जानकारी मिली तो वह सुबह आठ बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ शव को ट्रक के पहिए के नीचे निकलवाया। ओवर ब्रिज तिराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन मौके पर पहुंचे। पूरी घटना पता चलने पर उन्होंने कोतवाली के एएसआई मनीष यादव को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं जीआरपी के अधिकारियों से बात कर प्रधान आरक्षक सरल जाटव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।